सनकी ने परिवार में मचाया कत्लेआम...शिकंजी में मिलाकर दी नींद की गोलियां, फिर मां-पिता और दो बेटों को कुल्हाड़ी से काट डाला

जोधपुर के पीलवां गांव में बेहद ही दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां एक शख्स ने अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा. फिर खुद भी पानी की टंकी में कूदकर अपनी जान दे दी. पुलिस को जांच में पता चला है कि युवक नशे का आदि था और हत्या को अंजाम देने से पहले उसने परिवार के सभी सदस्यों को नींद की गोलियां खिला दी थी.

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परिवार की हत्या के बाद युवक ने की खुदकुशी परिवार की हत्या के बाद युवक ने की खुदकुशी

अशोक शर्मा

  • जोधपुर ,
  • 04 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST

राजस्थान के जोधपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां नशे के आदि युवक ने अपने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारा. फिर खुद भी पानी की टंकी में कूदकर अपनी जान दे दी. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को कई चौंका देने वाली बातें पता चली.

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यह घटना लोहावट के पीलवां गांव की है. जहां 38 वर्षीय शंकर विश्नोई अपने भाई, माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ खेत पर ही रहता था. वह नशे का आदि था, जिसकी वजह से परिवार के सभी लोग उससे परेशान थे. थाना अधिकारी लोहावट बद्री प्रसाद मीणा ने बताया कि उसने गुरुवार रात परिवार के सभी सदस्यों को नींबू की शिंकजी में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई थी.

जब सब गहरी नींद में सो गए तो उसने सबसे पहले घर से करीब 100 मीटर दूर खेत में ही सो रहे अपने पिता 55 वर्षीय सोनाराम विश्नोई की कुल्हाड़ी से काटा. फिर घर वापस आया जहां उसने अपनी मां 55 वर्षीय चंपा देवी और अपने बड़े बेटे 12 साल के लक्ष्मण को कल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी और दोनों की लाश को पानी की टंकी में डाल फेंक दिया.

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पत्नी के पास उसका छोटा बेटा दिनेश (8) सो रहा था शंकर सुबह 5 बजे उसे उठाया. इतने में उसकी पत्नी की भी हल्की सी नींद खुल गई.  इस पर पत्नी ने पूछ लिया कि बच्चे को कहां ले जा रहे हो. उसने कहा कहीं नहीं पेशाब कराकर सुला दूंगा. लेकिन शंकर ने अपने मासूम बेटे को भी पानी की टंकी में डाल दिया. फिर 200 आगे चलकर अपने मामा के खेत में गया और वहां जाकर पानी की टंकी में कूद गया. पुलिस को शुक्रवार सुबह 7:50 पर घटना की सूचना मिली. गांव वाले शंकर के पिता को अस्पताल लेकर गए. जहां उनकी मौत हुई. 

मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि शंकर पहले इस घटना को बुधवार को ही अंजाम देना चाहता था क्योंकि बुधवार को उसने सभी सदस्यों को नींद की गोलियां दी थी. लेकिन उस दिन देर रात पूरा परिवार जागता रहा. इसके बाद उसने गुरुवार रात शिकंजी में मिलाकर सभी को तीन-तीन गोलियां दी. जिससे सब गहरी नींद में सो गए. घटना की जानकारी मिलते ही जोधपुर से ग्रामीण एएसपी सुनील पवार एफएसएल की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. 

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