राजस्थान के कोटा से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां न्यूज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तीन घंटे लाइट गुल रहने की वजह से रविवार रात एक महिला की मौत हो गई. मंगलवार को मृतका नंदू की बेटी मधु ने कहा कि सरकारी अस्पताल के कुप्रबंधन के चलते उसकी मां की मौत हुई.
पीड़ित परिवार का कहना है कि रविवार रात करीब 7 बजे अचानक अस्पताल की लाइट चली गई. गर्मी की वजह से मरीज परेशान हो गए. इस दौरान वेंटीलेटर पर पड़ी उसकी मां की तबियत बिगड़ने लगी. लाइट न होने की वजह से हाथ से अम्बू बैग दबाकर मां को ऑक्सीजन दी गई. उसका भाई और उसने 4 घंटे तक बैग दबाते रहे और मां तड़प रही थी. रात करीब 10 बजकर 25 मिनट पर उनकी मां ने दम तोड़ दिया. इसके बाद स्टाफ ने मोबाइल की टॉर्च में CPR दिया लेकिन उनकी मां को नहीं बच सकी.
मधु मौर्य ने कहा कि उसकी मां को शुगर की बीमारी थी. शुगर लेवल डाउन होने पर रविवार को सुबह 11 बजे रावतभाटा से कोटा न्यू मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था. उनकी सीटी स्कैन, ईसीजी, एक्सरे समेत ब्लड टेस्ट करवाए. दिन में शुगर लेवल 40 से 50 पहुंच गया था. दोपहर तीन बजे के आसपास मां को वेंटिलेटर पर लिया गया. इलाज करने वाले डॉक्टर ने उनसे कहा था कि सुबह तक वेंटीलेटर हट जाएगा.
वहीं इस मामले पर अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर चंद्र शेखर सुशील ने बताया कि रविवार की शाम को अस्पताल के पैनल में बड़ा विस्फोट हुआ था. जिसकी वजह से लाइट 3 घंटे तक बंद रही थी. कड़ी मशक्कत के बाद लाइट को सही किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि लाइट के अभाव में किसी मरीज की मौत नहीं हुई. वो मरीज गंभीर हालात में थी और वेंटीलेटर पर थी. वेंटीलेटर, बैकअप से चल रहा था.अम्बू बैग से भी सपोर्ट दिया गया था.
संजय वर्मा