राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के अलवर मोती डूंगरी स्थित कार्यालय के गेट को एक स्कॉर्पियो गाड़ी ने टक्कर मारी और तोड़ दिया. इतना ही नहीं आरोपियों ने कार्यालय के दूसरे गेट को भी टक्कर मारकर तोड़ा. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें दो हिस्ट्रीशीटर हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि टशन दिखाने और फेमस होने के लिए ऐसी हरकत की. पुलिस का कहना है कि गाड़ी में पांच लोग थे.
बताते चलें कि राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पूर्व मंत्री टीकाराम जूली का अलवर की मोती डूंगरी क्षेत्र में कार्यालय है. रात में स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार लोगों ने कार्यालय के गेट पर टक्कर मारी. इससे गेट टूट गया. इस दौरान आरोपियों ने गाड़ी से टक्कर मारकर दूसरा गेट भी तोड़ा. मामले की सूचना कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने टीकाराम को दी.
गाड़ी में घूम रहे युवकों ने लगाई थी ये शर्त
इसके बाद उन्होंने पुलिस को अवगत कराया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए और गाड़ी की तलाश शुरू की. इस दौरान पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया. इसमें दो हिस्ट्रीशीटर हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गाड़ी में घूम रहे युवकों में शर्त लगी कि कौन टीकाराम जूली के कार्यालय के दोनों गेट तोड़ सकता है.
इससे भी हैरानी वाली बात ये है कि घटना के बाद आरोपी फरार न होकर वहीं खड़े रहे. एडिशनल एसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि गाड़ी में पांच लोग थे. इनमें से चार को गिरफ्तार किया गया है. इस घटना को लेकर टीकाराम जूली ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला.
'जिस सरकार में नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित नहीं...'
उन्होंने कहा कि जिस सरकार में नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित नहीं है, वहां आम जनता क्या सुरक्षित होगी. लगातार प्रदेश में दुष्कर्म, लूट, फायरिंग और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं. प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था देने का दावा करने वाली भाजपा सरकार राजस्थान में फेल हो चुकी है. प्रदेश में क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. मीडिया में क्राइम की खबरें छाई रहती हैं.
उधर, पुलिस ने बताया कि इस मामले में निलेश उर्फ विरू (21 साल) निवासी खुदनपुरी, भूपेंद्र सिंह उर्फ भूपी (24 साल) निवासी खुदनपुरी, शोएब खान (20 साल) निवासी तिजारा, सौरभ मीना (19 साल) निवासी मालवीय नगर श्रीराम कॉलोनी को गिरफ्तार किया है. स्कॉर्पियो गाड़ी को भी बरामद कर लिया है. गिरफ्तार दो युवकों पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं.
हिमांशु शर्मा