मोसुल के लोग आतंकियों से जी भर कर उनके जुर्म और अपने दर्द का हिसाब ले रहे हैं. घसीट-घसीटकर आतंकियों को मोसूल के गली-कूंचों में फिराया जा रहा है. कोई लात से मार रहा है. कोई घूंसे से. और जिसे कुछ नहीं मिल रहा है. वो उनके चेहरे पर थूक कर अपना गुस्सा निकाल रहा है.