मध्य प्रदेशः सिवनी में विरोध-प्रदर्शन के दौरान पथराव, 15 पुलिसकर्मी घायल

मध्य प्रदेश के सिवनी में हत्या के मामले में गिरफ्तार एक शख्स को रिहा करने की मांग को लेकर आदिवासी समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर चक्का जाम कर दिया. समझाने पहुंची पुलिस पर भी लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस घटना में 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

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सिवनी में पुलिस पर पथराव के मामले में केस दर्ज (फाइल फोटो) सिवनी में पुलिस पर पथराव के मामले में केस दर्ज (फाइल फोटो)

पुनीत कपूर

  • सिवनी,
  • 19 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में दो महीने पहले हुए हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी की रिहाई की मांग को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के समर्थक सड़क पर उतर आए. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले हुआ ये विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. पथराव से एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

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इस घटना को लेकर लखनादौन पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ नेशनल हाईवे जाम करने के लिए मामला दर्ज किया है. पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ पथराव करने और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. बताया जाता है कि दो महीने पहले हुई हत्या के एक मामले में पकड़े गए आरोपी को रिहा करने की मांग करते हुए आदिवासी समुदाय के लोग सिवनी के लखनादौन में विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे.

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले आयोजित विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्वक चल रहा था कि उसमें शामिल कुछ लोग राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर पहुंच गए और चक्का जाम कर दिया. जाम की सूचना पाकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने की कोशिश में जुट गए.

पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश ही कर रही थी कि भीड़ में से किसी ने पत्थर चला दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर लगातार पत्थर फेंके जाने लगे. पुलिस पर पथराव की घटना में 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया तब जाकर हालात पर नियंत्रण पाया जा सका और प्रदर्शनकारी सड़क से हटे. घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उपचार के बाद इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी.

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क्या है मामला

दरअसल दो महीने पहले लखनादौन सिविल अस्पताल की छत पर विक्की कहार नाम के युवक का शव मिला था. इस मामले में शुरुआती 15 दिन पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा लेकिन जब स्थानीय लोगों का दबाव बढ़ा तो पुलिस ने संतोष धुर्वे नाम के आदिवासी समुदाय से आने वाले अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया. संतोष धुर्वे की गिरफ्तारी का गोंडवाना गणतंत्र पार्टी शुरू से ही विरोध कर रही है.

 

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