मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर किसानों से फसल उपार्जन पर बोनस के भुगतान के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग को इसके लिए पिछले साल की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक बजट मिला है.
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में बनाए गए बजट में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है. इससे विभागीय योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.
लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर
इसके अलावा मंत्री ने बताया कि लाड़ली बहनों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में 89 लाख हितग्राहियों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये गए हैं. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे हितग्राही जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ से वंचित रह गये हैं, उन्हें राज्य सरकार की गैर उज्ज्वला योजना में शामिल किया गया है. इन दोनों योजनाओं के लिए 520 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
समिति विक्रेताओं के मानदेय में 3000 रुपये की वृद्धि
पैक्स एवं लैम्प्स समिति के विक्रेताओं के मानदेय में 3 हजार रुपये की वृद्धि की जा रही है. इससे 13 हजार से अधिक विक्रेताओं को लाभ मिलेगा. इसके लिये बजट में 71 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
स्मार्ट पीडीएस योजना शुरू करेंगे
बजट में नवीन योजना के रूप में स्मार्ट पीडीएस योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है. योजना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए सर्वर को अत्याधुनिक सुविधायुक्त बनाया जाएगा. इसके लिये 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. छात्रावासों में रहने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए बजट में 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उन्हें गेहूं पर 4 रुपये किलो और चावल पर साढ़े 5 रुपये प्रति किलो सब्सिडी दी जाएगी.
खाद्य और नागरिक आपूर्ति ने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 23 लाख पात्र परिवारों को हर माह 1 रूपये प्रति किलो में आयोडीन-आयरन युक्त डबल फोर्टीफाइड नमक का वितरण कर रहे हैं.
इसके अलावा 33 जिलों के 57 लाख पात्र परिवारों को 1 रुपये प्रति किलो में डबल फोर्टीफाइड युक्त नमक का वितरण की योजना पर कार्य कर रहे हैं. 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम' योजना के तहत बजट में 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इस व्यवस्था से 20 आदिवासी जिलों के 89 विकासखण्डों में 7 लाख 13 हजार परिवारों को मोबाइल वाहन द्वारा राशन का वितरण कर सकेंगे.
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