'निशंक के रचना संसार' ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, MP रमेश पोखरियाल को मिला सम्मान

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से डॉ. निशंक ने हिंदी के साथ समस्त भारतीय भाषाओं को सशक्त करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है. डॉ. निशंक को अतिरिक्त महर्षि योग वैश्विक संगठन द्वारा हाल में ही 'अन्तर्राष्ट्रीय अजेय स्वर्ण पदक' प्रदान किया गया.

Advertisement
डॉ. निशंक को मिला सम्मान डॉ. निशंक को मिला सम्मान

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2022,
  • अपडेटेड 11:09 PM IST

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन और हिमालय विरासत ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में "डॉ. निशंक के रचना संसार" पर ऑनलाइन वेबिनार की लगातार 60 सीरीज का कीर्तिमान बनने के उपलक्ष्य में डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' को सम्मानित किया गया. 

हिमालय विरासत ट्रस्ट एवं वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का आभार प्रकट करते हुए डॉ. निशंक ने कहा कि हिंदी भाषा हम सब को जोड़ती है. इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि डॉ. निशंक के साथ उन्होंने लंबे समय तक काम किया है. मंत्री ने कहा कि हालांकि डॉ. निशंक गरीब परिवार से रहे हैं, लेकिन संस्कारों की नजर से वे अत्यंत समृद्ध परिवार में पैदा हुए.

Advertisement

डॉ. निशंक की सृजनात्मकता और संवेदनशीलता से पाठकों पर विशेष प्रभाव पड़ा. उन्होंने कहा कि डॉ. निशंक हिमालय को जी रहे हैं. डॉ. महेंद्र नाथ पाण्डेय ने देश के शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में डॉ. निशंक के महत्वपूर्ण योगदान का स्मरण करते हुए उनका अभिनंदन किया. 

इस दौरान डॉ. रमेश पांडे, डॉ. गोविंद प्रसाद और डॉ. सुमित्रा कुकरेती ने डॉ. निशंक की बहुआयामी प्रतिभा का उल्लेख करते हुए साहित्य की विभिन्न  विधाओं में उनकी रचनाओं की काफी प्रशंसा की. डॉ. कुकरेती ने निशंक के साहित्य को ज्ञानवर्धक और प्रेरणाप्रद बताया.

डॉ. निशंक ने बताया कि वह बचपन से ही टूटे-फूटे शब्दों को अभिव्यक्त करते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने देश की आजादी के बाद साहित्य साधना को आगे ले जाने में सफलता पाई और उस दौरान कई कीर्तिमान भी टूटे हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से डॉ. निशंक ने हिंदी के साथ समस्त भारतीय भाषाओं को सशक्त करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है.

Advertisement

गौरतलब है कि उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए डॉ. निशंक को देश एवं विदेश की 300 से अधिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया गया. उत्कृष्ट साहित्य सृजन के साथ-साथ गंगा, हिमालय और पर्यावरण संरक्षण, सम्वर्धन के लिये उन्हें यूक्रेन, फ्रांस, पोलैण्ड, आस्ट्रिया, बेल्जियम, युगांडा, नेपाल, थाईलैण्ड, जापान, भूटान सहित दुनिया के दर्जनभर से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों द्वारा अपने राष्ट्र में आमंत्रित करके सम्मानित किया गया है. 

दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में सम्मान कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रजनीश कुमार ने की, तो वहीं  विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुमित्रा कुकरेती प्रति कुलपति इग्नू, डॉ. गोविंद प्रसाद अध्यक्ष एनबीटी, डॉ. रमेश पाण्डेय पूर्व कुलपति लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय मौजूद रहे.

अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा उन्हें भारत गौरव सम्मान, साहित्य भारती सम्मान, साहित्य चेता सम्मान, प्राईड ऑफ उत्तराखण्ड, स्कान अवार्ड, यूथ आइकन पर्सनेलिटी अवार्ड, सरस्वती सम्मान, हिमालय पुत्र सम्मान, हिमालय गौरव सम्मान सहित अनेक सम्मान प्रदान किये गये हैं. अन्तर्राष्ट्रीय ओपन विश्वविद्यालय श्रीलंका द्वारा उन्हें 'डॉ० ऑफ साइंस तथा डी0 लिट ' की उपाधि प्रदान की गयी. मॉरीशस में उन्हें 'मॉरीशस सम्मान' से सम्मानित किया गया. 

इसके अलावा अप्रवासीय भारतीयों के अन्तर्राष्ट्रीय संगठन ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ इण्डियन ऑरिजन (GOPIO) द्वारा इंटरनेशनल सम्मान प्रदान किया गया. इसके अतिरिक्त उन्हें अनेकों अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं. हिन्दी साहित्य में उनके विशेष योगदान के लिये लंदन में 'वातायन अन्तर्राष्ट्रीय शिखर सम्मान' दिय गया, जर्मनी में 'सृजनी दि क्रियेटिव वूमेंस' अन्तर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा उन्हें 'अन्तर्राष्ट्रीय जीनियस ग्लेक्सी (3जी)' अवार्ड से 3 सम्मानित किया गया. पिछले दिनों अन्तर्राष्ट्रीय संस्था हिन्दी राइटर गिल्ड द्वारा उन्हें 'साहित्य गौरव सम्मान 2021' से सम्मानित किया गया. 

Advertisement

वहीं डॉ. निशंक को अतिरिक्त महर्षि योग वैश्विक संगठन द्वारा हाल में ही 'अन्तर्राष्ट्रीय अजेय स्वर्ण पदक' प्रदान किया गया.

'डॉ. निशंक का रचना संसार नाम' से 16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी के मौके पर एक अनवरत ऑनलाइन वेबिनार कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी. यह कार्यक्रम अब एक विशाल वट वृक्ष का रूप धारण कर चुका है. अब तक इसके 60 एपिसोड सफलतापूर्वक प्रसारित हो चुके हैं. इसके अंतर्गत डॉ. निशंक के सोलह काव्य संग्रह, चौदह काव्य संग्रह, चार व्यक्तित्व विकास, चार पर्यटन ग्रन्थ, दस यात्रा वृत्तांत, तीन जीवनी सहित अन्य कथेतर साहित्य की साठ पुस्तकों पर देश के लगभग सभी राज्यों के प्रसिद्ध साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं समीक्षकों द्वारा चर्चा की गई हैं. 

ऐसे में अब तक किसी भी साहित्यकार पर लगातार ढंग से 50 एपिसोड पूरे करना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. साहित्यकार डॉ. निशंक  के इस उपलब्धि को देखते हुए विश्व की प्रतिष्ठित संस्था वर्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ने इसको विश्व कीर्तिमान के रूप में ससमानित दर्ज किया है.
 


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement