साहित्य आजतक 2025: लखनऊ में लखबीर सिंह लक्खा ने बांधा समां, 'कीजो केसरी के लाल' गाने पर झूमे लोग

लखनऊ में हो रहे साहित्य आजतक के मंच पर सिंगर लखबीर सिंह लक्खा पहुंचे, उन्होंने अपने गीतों से खूब समां बांधा. हर कोई उनकी आवाज का दीवाना हुआ दिखाई दिया. लखबीर कीजो केसरी के लाल, श्रीराम-जानकी

Advertisement
लखबीर सिंह लक्खा लखबीर सिंह लक्खा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

साहित्य आजतक के समापन के दिन फेमस भक्ति सिंगर लखबीर सिंह लक्खा पहुंचे. मंच पर मौजूद लक्खा ने अपनी पूरी टीम के साथ समां बांधा. लखबीर ने सेशन की शुरुआत माता के जयकारे से की. लखबीर अपने कीजो केसरी के लाल गाने के लिए खूब जाने जाते हैं. उनका ये गाना आज भी हर घर में सुना जाता है. 

लखनऊ में साहित्य का महाकुंभ

Advertisement

गाने की शुरुआत करने से पहले लखबीर ने अपने बारे में कुछ बातें कही. लखबीर ने कहा कि मेरी शुरुआत देशप्रेम के गीतों से हुई थी. मैं कभी-कभी घर पर ही गा लेता हूं. ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे ये मौका मिला. लखनऊ गायकी का गढ़ है, मैं कोशिश कर रहा हूं. एक-एक शब्द को सुनिएगा. इसके बाद लखबीर ने 'जिंदाबाद है वतन' गाना गाया. फिर उन्होंने बिगड़ी मेरी बना दे गाने से वहां बैठी सभी जनता का दिल जीत लिया. 

लखबीर ने बांधा समां

लखबीर ने भोला शंकर गाना भी गाया, जिसे सुन सभी ऑडियन्स झूमती नजर आई. लखबीर ने कहा भजन जीवन में कभी नहीं छूटना चाहिए, भजन गाने या सुनने सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. मैं आजतक का धन्यवाद देना चाहता हूं, इस सुनहरे मंच के लिए. आप दुनियाभर में यूंही प्रचार-प्रसार करते रहें. मैं भी किताबी कीड़ा ही हूं, पढ़ता ही हूं. कोरोना काल में तो खूब पढ़ीं. क्योंकि ये साहित्य का मंच है तो खुशी अलग है. इसके बाद लक्खा ने अपना लिखी एक शायरी सुनाई.

Advertisement

लखबीर ने आखिर में कीजो केसरी के लाल गाना गाया. ये गाना लखबीर के सबसे फेमस गाने में से एक है. इसे सुनते ही ऑडियन्स अलग ही जोश से भरी दिखाई दी. आखिर की पंक्ति में बैठे लोग अपनी सीट से खड़े होकर डांस तक करते दिखाई दिए. लखबीर सिंह लक्खा के लिए खूब तालियां बजीं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement