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साहित्य

बिछड़ा प्यार याद आ रहा है तो आपके लिए हैं ये 10 शेर

विजय रावत
  • 23 मई 2018,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST
  • 1/11

कहते हैं दुनिया बहुत ज़ालिम है दर्द-ए-दिल पे हंसती है. प्रेम में तर्क की बात करती है. ख़फा आशिक ज़हनी सुकून की तलाश करता पहुंचता है सच से भी ज़्यादा सच्ची लगने वाली शेरो-शायरी की दुनिया में. माशूक़ा को याद करने वाले आशिक़ों को ये 6 शेर बहुत सुकून देंगे.

  • 2/11

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो,न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए-बशीर बद्र

  • 3/11

मुझे याद करने से ये मुद्दआ था,निकल जाए दम हिचकियां आते आते-दाग़ देहलवी

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  • 4/11

क्या सितम है कि अब तिरी सूरत,ग़ौर करने पे याद आती है.-जौन एलिया

  • 5/11

ज़रा सी बात सही तेरा याद आ जाना,ज़रा सी बात बहुत देर तक रुलाती थी.-नासिर काज़मी

  • 6/11

याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ,भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती है. -जमाल एहसानी

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  • 7/11

वही फिर मुझे याद आने लगे हैं,जिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं.- ख़ुमार बाराबंकवी

  • 8/11

तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं,किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं.-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 9/11

तुम ने किया न याद कभी भूल कर हमें,हम ने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया -बहादुर शाह ज़फ़र

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  • 10/11

नहीं आती तो याद उन की महीनों तक नहीं आती, मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं. -हसरत मोहानी

  • 11/11

कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब,आज तुम याद बे-हिसाब आए- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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