ऑफ‍िस जाने वाली मम्मी के बच्चे होते हैं ज्यादा मोटे

मां के साथ कम समय बिताने वाले बच्चे जंक फूड ज्यादा खाते हैं. बाहर का खाना उनकी प्राथमिकता होती है. वे घर पर पका खाना कम पसंद करते हैं. ऐसे बच्चे फि‍जिकल वर्क भी कम करते हैं और ये सभी आदतें वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं.

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कामकाजी मांओं के बच्चे होते हैं ज्यादा मोटे कामकाजी मांओं के बच्चे होते हैं ज्यादा मोटे

भूमिका राय

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2016,
  • अपडेटेड 11:41 AM IST

अगर आप भी अपने बच्चे के बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान हैं तो हो सकता है इसकी वजह आप ही हों.

एक रिसर्च के मुताबिक, कामकाजी मांओं के बच्चों के मोटे होने की आशंका तुलनात्मक रूप से अधिक होती है. विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह से पिछले दस सालों में घर से बाहर जाकर काम करने वाली औरतों की संख्या में इजाफा हुआ है, उसी क्रम में बच्चों का मोटापा भी बढ़ा है.

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विशेषज्ञ मानते हैं कि इन दोनों बातों का समान रूप से बढ़ना इनके परस्पर संबंध को दिखाता है. उनके अनुसार, कामकाजी मांओं को ज्यादा से ज्यादा सहयोग देकर इस समस्या से राहत पायी जा सकती है.

दुनियाभर में 1970 के बाद से बच्चों के मोटापे की दर में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है. 2014 के आंकड़ों की मानें तो दुनियाभर में 200 मिलियन से ज्यादा बच्चे मोटापे के शिकार पाए गए थे.

शोधकर्ता मानते हैं कि मां के साथ कम समय बिताने वाले बच्चे जंक फूड ज्यादा खाते हैं. बाहर का खाना उनकी प्राथमिकता होती है. वे घर पर पका खाना कम पसंद करते हैं. ऐसे बच्चे फि‍जिकल वर्क कम करते हैं और उनकी नींद भी सही नहीं होती है. ये सभी आदतें वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं.

इस परेशानी को दूर करने का एक ही उपाय है कि कामकाजी मांओं को ज्यादा से ज्यादा सहयोग दिया जाए ताकि वो बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिता सकें. शोधकर्ता डॉक्टर ग्वोज्ड के मुताबिक, जो महिलाएं ऑफिस में ज्यादा समय बिताती हैं उनके पास घर पर खाना बनाने और घर की चीजों की खरीदारी करने का बहुत कम समय होता है.

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इसका नतीजा ये होता है कि उनके बच्चे बेहतर क्वालिटी का खाना नहीं खाते और घर पर पका खाना भी कम ही खा पाते हैं. इसके अलावा उनके खाने-पीने की आदतों पर कोई कंट्रोल भी नहीं होता है.

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