'स्पोर्ट्स ब्रा' की वजह से बच गई महिला की जान! जांच हुई तो दंग रह गए डॉक्टर

कोई भी फिजिकल एक्टिविटी के दौरान महिलाएं ब्रेस्ट को सपोर्ट देने के लिए जो टाइट और एक्स्ट्रा सपोर्टेड ब्रा पहनती हैं, उसे स्पोर्ट ब्रा (Sports bra) कहते हैं. एक ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर ने अपनी कहानी शेयर की है कि आखिर कैसे स्पोर्ट ब्रा से उनकी जान बची.

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Credit: Cancer Research UK Credit: Cancer Research UK

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST
  • स्पोर्ट्स ब्रा ने बचा ली महिला की जिंदगी
  • ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर ने शेयर की कहानी
  • MRI के बाद पचा चली हकीकत

एक्सरसाइज के दौरान महिलाओं के ब्रेस्ट को ठीक तरह से सपोर्ट ना मिले तो ब्रेस्ट टिशूज को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे ब्रेस्ट में दर्द होने के साथ गांठ भी पड़ सकती है. इन समस्या से बचने के लिए एक्सपर्ट जिम जाने, एक्सरसाइज करने, योगा करने या अन्य कोई फिजिकल एक्टिविटी करते समय कम्फर्टेबल और सपोर्टिव स्पोर्ट्स ब्रा (Sports bra) पहनने की सलाह देते हैं. हाल ही में एक मामला सामने आया है जिसमें एक ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर ने अपनी कहानी को शेयर की है. उन्होंने बताया कि कैसे स्पोर्ट्स ब्रा के कारण उनकी जानलेवा बीमारी का समय से पता चल गया और उनकी जान बच गई.

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कौन हैं ये ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर

Credit: Cancer Research UK

ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर का नाम सैंड्रा ग्रीन (Sandra Greene) है, जिनकी उम्र 54 साल है. सैंड्रा प्रोफेशनल रनर हैं. वह मानती हैं कि स्पोर्ट्स ब्रा पहनने से उसकी जान बची है. सैंड्रा ग्रीन ने पिछले साल जॉगिंग करते समय चेस्ट में जकड़न महसूस की थी. इसके बाद उन्होंने जब MRI कराई तो उन्हें पता चला कि उनके ब्रेस्ट में 2 ट्यूमर थे जो कैंसर की निशानी थे. अगर वे स्पोर्ट ब्रा नहीं पहने होतीं तो शायद उनको पता नहीं चलता कि उनके ब्रेस्ट में ट्यूमर हैं.

ट्यूमर का स्पोर्ट ब्रा से कैसे पता चला

सैंड्रा ने बताया, जब मैं वॉक करने के बाद घर लौटी तो मैंने देखा कि मेरी स्पोर्ट ब्रा के ऊपर से बाएं ब्रेस्ट पर एक उभरी हुई 'ऊबड़-खाबड़ नस' दिख रही है. इसके बाद मैंने डॉक्टर के पास जाने का सोचा और एमआरआई कराई. हालांकि जब रिपोर्ट आई तो उसमें कैंसर की पुष्टि हुई. अगर मैंने उस उभरी हुई नस या ट्यूमर पर ध्यान न दिया होता तो शायद मुझे उस जानलेवा बीमारी का पता भी नहीं चल पाता. भगवान का शुक्र है कि मुझे जैसे ही पता चला मैंने तुरंत जांच कराई, जिससे समय मेरा कैंसर जल्दी पकड़ा गया. आखिर स्पोर्ट्स ब्रा ने मेरी जान बचा ली.

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अनकंफर्टेबल लग रहा था

सैंड्रा ने बताया, जब मैं घर आई थीं तो मुझे ब्रा में कंफर्टेबल नहीं लग रहा था. मुझे लगा कि कोई ऊबड़-खाबड़ चीज मेरी स्पोर्ट ब्रा से रगड़ रही है. यह एक गोल गांठ नहीं थी, बल्कि कोई नस की तरह लग रही थी. हालांकि मैं उस समय उतनी चिंतित नहीं थी क्योंकि वह नस की तरह लग रहा था ना ट्यूमर की तरह. 

पिछले जुलाई में सैंड्रा का मल्टीफोकल लोबुलर स्तन कैंसर का इलाज किया गया जो कि ब्रेस्ट कैंसर का 15 प्रतिशत तक जिम्मेदार होता है. अक्टूबर में बायोप्सी और अन्य 3 सर्जरी हुईं जिसमें 1 मास्टेक्टॉमी भी शामिल है.सैंड्रा अपने पति नील और 16 साल के बेटे कैलम के साथ रहती हैं. वह चाहती हैं कि आगे भी अच्छा जीवन जिएं. उन्होंने कहा मैं अब काफी अच्छा महसूस करती हूं और मैं अपना भविष्य देख रही हूं. 

55,000 से अधिक महिलाओं को होता है ब्रेस्ट कैंसर

Dailymail की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल 55,000 से अधिक महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का पता चलता है और लगभग 11,500 महिलाओं की इससे मौत हो जाती है. सामान्य लक्षणों में ब्रेस्ट या ब्रेस्ट के बगल में गांठ होना, सूजन आना, आकार बदलना, शामिल हैं. कुछ महिलाओं में गांठ की जगह फूली हुई नस भी दिखाई दे सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि गांठ के कारण ब्लड वेसिल्स में रुकावट भी कैंसर का कारण बन सकता है. 

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