रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका एक ही स्कूल में पढ़ते थे. दोनों की मुलाकात रॉबर्ट वाड्रा की बहन मिशेल वाड्रा के जरिए हुई. तब से ही दोनों एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए थे.
रॉबर्ट वाड्रा का परिवार पीतल और आर्टिफिशल ज्वैलरी के बिजनेस में था. वह प्रियंका को खास ज्वैलरी तोहफे में दिया करते थे. रॉबर्ट वाड्रा जल्द ही प्रियंका के भाई राहुल गांधी के भी अच्छे दोस्त बन गए.
प्रियंका के इर्द-गिर्द सुरक्षा का कड़ा घेरा रहता था लेकिन क्लासमेट होने की वजह से रॉबर्ट और प्रियंका को एक-दूसरे से मिलने का मौका मिल जाता था.
रॉबर्ट वाड्रा ने प्रियंका के सामने सीधे शादी का प्रपोजल रखा था. प्रियंका और उनका परिवार बचपन से ही रॉबर्ट को जानता था इसलिए प्रियंका ने तुरंत हामी भर दी.
जब दोनों ने शादी का फैसला कर लिया तो दोनों अपने परिवार वालों के पास पहुंचे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉबर्ट के पिता पहले इस शादी के लिए तैयार नहीं थे लेकिन फिर शादी के लिए अपनी मंजूरी दे दी. 18 फरवरी 1997 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए. दोनों की शादी मां सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ पर हिंदू रीति-रिवाजों से हुई. प्रियंका और रॉबर्ट के दो बच्चे भी हैं-मिराया वाड्रा और रेहान वाड्रा. पूरा परिवार गुड़गांव में साथ रहता है.
रॉबर्ट ना तो किसी बहुत ही अमीर परिवार से थे और ना ही असाधारण प्रतिभा वाले. यहां तक कि वह कई एग्जाम्स में फेल भी होते थे लेकिन प्रियंका को रॉबर्ट की सादगी पसंद आ गई और दोनों ने एक-दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बिताने का वादा किया.
प्रियंका ने अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के बारे में एक इंटरव्यू में कहा था, "जब मैं उनसे पहली बार मिली तो उन्होंने मुझे अलग तरह से ट्रीट नहीं किया, मुझे ये अच्छा लगा. वह दिल से बहुत ईमानदार इंसान हैं. वह अपने तरीके से जीते हैं और उन्हें दूसरी चीजें प्रभावित नहीं करतीं. उनके लिए एक हाई प्रोफाइल राजनीतिक परिवार का माहौल बिल्कुल नया था लेकिन जिस तरह से उन्होंने सब कुछ संभाला, वह शानदार है."
प्रियंका और रॉबर्ट हर परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं और यही उनकी प्रेम कहानी को मिसाल बनाता है.