Advertisement

रिलेशनशिप

पति-पत्नी के पीठ पीछे कितने भारतीय चलाते हैं अफेयर, सामने आई सच्चाई

aajtak.in
  • 07 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:10 AM IST
  • 1/19

सेक्स के मुद्दे पर लोग खुलकर अपने विचार रखने से बचते हैं. इंडिया टुडे सेक्स सर्वे 2019 में हमने पुरुषों और महिलाओं से विवाहेतर यौन संबंध यानी अपने पति या पत्नी के अलावा किसी अन्य महिला या पुरुष से शारीरिक संबंध बनाने पर उनकी राय जानने की कोशिश की. सर्वे से इस बात की जानकारी भी हुई कि सेक्स के मुद्दे पर महिलाएं अब अपनी बेबाक रखने से पीछे नहीं हैं. पहले की अपेक्षा सेक्स को लेकर लोग एक उदार विचार रखते हैं हालांकि महिलाओं के मन से अब भी ये डर रहता है कि लोग क्या कहेंगे.

  • 2/19

सुप्रीम कोर्ट  पहले ही व्यभिचार से जुड़े कानून को खारिज कर चुका है. यानी अब भारत में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अपराध की श्रेणी में नहीं आता है. दुनिया की पहली एक्स्ट्रामैरिटल डेटिंग वेबसाइट ग्लीडेन की मैनेजर सोलेन पैलेट ने भी इस मामले में अपनी राय दी है.

  • 3/19

पैलेट का कहना है कि विवाहेतर यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटाए जाने के बावजूद, भारत में अब भी इसे औरत की बेवफाई की तरह ही देखा जाता है, जो बहुत बड़ा सामाजिक कलंक है.

Advertisement
  • 4/19

सोलेने पैलेट का कहना है कि एक्स्ट्रा मेरिटल से संबंधित सारे विकल्प गोपनीय होने के बावजूद महिलाएं इससे हिचकती हैं और इसीलिए डेटिंग साइट्स पर पुरुषों की संख्या महिलाओं से बहुत अधिक है.

  • 5/19

ज्यादातर भारतीय महिलाओं का मानना है कि अपने पति के अलावा किसी और पुरुष से संबंध बनाने का मतलब उससे बेवफाई करना है जो कि एक खराब और दंडनीय काम है. आपको बता दें कि ग्लीडेन वेबसाइट की भारत में करीब दो लाख महिला सदस्य हैं.

  • 6/19

हालांकि पहले की तुलना में ज्यादा भारतीय महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं और उन्होंने व्यवसायिक और आर्थिक रूप से  प्रगति की है. महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार के खिलाफ अब वो खुलकर बोल रही हैं और अपनी लड़ाई खुद लड़ रहीं हैं.

Advertisement
  • 7/19

भारत में बढ़ते फेमिनिज्म की वजह से भी महिलाएं अब बेझिझक सेक्स के बारे में अपने विचार रख रही हैं. महिलाएं अब बराबरी के स्तर पर सेक्स सुख उठाने से भी नहीं डरती हैं, हालांकि वे अब भी इस बात से डरती हैं कि लोग क्या कहेंगे.

  • 8/19

इंडिया टुडे सेक्स सर्वे महिलाओं की तुलना में पुरुषों ने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई. पुरुषों में इस बात का भी डर नहीं था कि अगर उनकी पत्नी या पार्टनर को इस बात का पता चला तो क्या होगा. ये डर ज्यादातर महिलाओं में ही देखा गया.

  • 9/19

ज्यादतर भारतीय महिलाएं अवैध संबंधों को गलत मानती हैं और पति से संतुष्टि न मिलने के बावजूद सिर्फ उनके साथ ही शारीरिक संबंध बनाने पर जोर देती हैं.

Advertisement
  • 10/19

इंडिया टुडे सेक्स सर्वे 2007 और 2019 के सर्वे के तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स को लेकर लोगों का नजरिया बदला है.

  • 11/19

2007 के सर्वे में भी लोगों से ये सवाल पूछा गया था कि क्या आप अपने पार्टनर के साथ बेवफाई को भावनात्मक विश्वासघात मानते हैं?

  • 12/19

2007 में 33 फीसदी लोगों ने अपने पार्टनर के साथ बेवफाई को इमोशनल चीटिंग माना था वहीं 2019 के सर्वे में ये आंकड़ा बढ़ कर 36 फीसदी हो गया है.

  • 13/19

वहीं 2007 के सर्वे में 51 फीसदी ने इसे  इमोशनल चीटिंग मानने से इंकार किया था, जो 2019 में बढ़कर 64 फीसदी हो गया है.

  • 14/19

2007 में 18 फीसदी लोगों ने माना था कि उन्होंने अपने पार्टनर को धोखा दिया है और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स चलाए हैं. वहींं 2019 में 19 फीसदी लोगों ने पार्टनर को धोखा देने की बात स्वीकारी जबकि 81 फीसदी लोगों ने इस बात से इंकार किया.

  • 15/19

ग्लीडेन के सब्सक्राइबर्स में ज्यादातर पुरुष हैं, लेकिन महिलाएं भी पीछे नहीं हैं. इस प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा लोग मुंबई, नई दिल्ली और बेंगलुरु से हैं. प्लेटफॉर्म पर आने वालों का आयु वर्ग 34 से 49 वर्ष तक का है. भारत में अधिवक्ता, डॉक्टर्स और वरिष्ठ कार्यकारी जैसे विभिन्न पेशेवर लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं.

  • 16/19

सर्वे में यह भी पता चलता है कि ज्यादातर शादीशुदा भारतीय महिलाओं की सेक्स लाइफ बोरिंग हो चुकी है या उनकी सेक्स में दिलचस्पी खत्म हो चुकी है.

  • 17/19

ज्यादातर महिलाओं की शिकायत थी कि उनके पति सेक्स को ही प्यार मानते हैं और पत्नी की जरूरतों के प्रति उनका ध्यान ही नहीं जाता जिसकी वजह से उनके मन से सेक्स की भावना कम हो गई है. उन्हें लगता है कि पति सिर्फ अपनी जरूरत पड़ने पर ही उन पर ध्यान देते हैं.

  • 18/19

सर्वे में ज्यादातर महिलाओं का मानना था कि सेक्स के वक्त उनके पति सिर्फ अपनी संतुष्टि का ख्याल रखते हैं और उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि सेक्स के बाद उनकी पत्नी को कैसा महसूस होता है. अपनी इच्छाओं की नजरअंदाजी ही महिलाओं को सेक्स के प्रति उदासीन बनाती है.

  • 19/19

बता दें कि इंडिया टुडे सेक्स सर्वे 23 जनवरी 2019 से 20 फरवरी 2019 के दौरान 4,028 लोगों से बातचीत पर आधारित है. इसमें तीन आयु वर्ग 14-29, 30-49 और 50-69 वर्ष के लोगों से संपर्क किया गया था.

Advertisement
Advertisement