पेट भरकर खाना खाने के बाद हर किसी को मीठे की क्रेविंग क्यों होती है. या फिर जब आप शादी पार्टी में जाते हैं तो मीठे का स्टॉल सबसे आखिरी में ही क्यों होता है? होटल में खाना खा लेने के बाद वेटर्स आपसे मीठा खाने के लिए क्यों कहते हैं? क्या आप इसका कारण जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है?
अगर आपके साथ ऐसा होता है तो आप अकेले नहीं है. हर इंसान को खाने के बाद कुछ मीठा खाने की क्रेविंग होती है और यह काफी सामान्य बात है. लेकिन इसके पीछे का साइंस क्या है, इस बारे में काफी कम लोग जानते होंगे. तो आइए मीठा खाने की इच्छा होने का साइंटिफिक कारण भी जान लीजिए.
पहला कारण
यह पता चला है कि स्वादिष्ट भोजन खाने के बाद, जुबान पर मौजूद स्वाद कोशिकाएं चीजों को बैलेंस करने के लिए मीठा खाने की इच्छा जागृत करती हैं. इसके अलावा, जब कोई कार्ब्स और प्रोटीन से भरपूर खाना खाने के कारण सुस्ती महसूस करते हैं तो ऐसे में मीठा खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है.
दूसरा कारण
जब कोई ब्रेड, पास्ता या चावल जैसी कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाता है तो शरीर उन्हें ग्लूकोज में तोड़ देता है और हमारा शरीर इंसुलिन का उत्पादन करता है. ऐसे में जब अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट खाता है तो हमारा शरीर आवश्यकता से अधिक इंसुलिन का उत्पादन कर सकता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से गिर सकता है. ऐसे में ब्लड शुगर कम होने से मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है जो ब्लड शुगर को वापिस नॉर्मल कर देती है.
तीसरा कारण
मीठा खाने से मन खुश होता है. जब हम कुछ मीठा खाते हैं तो हमारा दिमाग डोपामाइन नामक रसायन रिलीज करता है जो खुशी प्रदान करता है. समय के साथ हमारा दिमाग खुशी प्राप्त करने के लिए मीठा खाने की क्रेविंग महसूस कराता है.
मीठे की जगह खा सकते हैं ये चीजें
मीठा खाने से कई शारीरिक नुकसान हो सकते हैं. इसलिए अधिक चीनी वाली मीठे की अपेक्षा छैना रसगुल्ला, फल, किशमिश जैसी चीजें खा सकते हैं.
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