Military Exercise: हार्ट, फेफड़े और मसल्स को मजबूत बनाएगी ये मिलिट्री एक्सरसाइज, मिलेंगे कई फायदे

सैनिकों को ट्रेनिंग के दौरान कराई जाने वाली एक्सरसाइज रकिंग पिछले कुछ समय में फिटनेस फ्रीक्स वर्स के बीच ट्रेंड बनकर उभरी है. इस एक्सरसाइज को रकिंग कहते हैं. रकिंग के फायदे स्टोरी में जानेंगे.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2024,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

मिलिट्री की फिटनेस का कोई तोड़ नहीं होता. वे लोग काफी फिट होते हैं क्योंकि फिटनेस का ख्याल रखना उनके रूटीन का हिस्सा है. मिलिट्री ट्रेनिंग में एक एक्सरसाइज कराई जाती है जो पिछले कुछ समय से ट्रेंड में है. इस एक्सरसाइज को रकिंग कहते हैं. इस एक्सरसाइज के दौरान शरीर पर एक्स्ट्रा वजन लादकर चलना होता है. यह एक्सरसाइज ना केवल हार्ट को मजबूत करती है बल्कि फेफड़े और मसल्स के लिए भी अच्छी मानी जाती है. आप भी इस एक्सरसाइज को डेली रूटीन में शामिल करते हैं.

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क्या होती है रकिंग एक्सरसाइज?

मिलिट्री के लोगों का जो बैग होता है उसे रक सैक कहते हैं और इसी बैग में वजन रखकर पैदल चला जाता है. इसलिए इसके नाम पर ही एक्सरसाइज का नाम पड़ा 'रकिंग'. इस एक्सरसाइज में 'रक प्लेट्स' को बैग में रखा जाता है और फिर उसे पीठ पर लादकर चलना होता है. रकिंग काफी लंबे समय से सैन्य प्रशिक्षण का हिस्सा रही है. 

पूर्व रॉयल मरीन कमांडो और आउटडोर और माउंटेन क्लोथिंग ब्रांड, जोट्टनार के को-डायरेक्टर टॉमी केली का कहना है, 'हम रॉयल मरीन में इसे 'यॉम्पिंग' के  रूप में जानते थे. यह भारी किट, कभी-कभी 60 किलो तक की हो जाती थी और इसे काफी दूर या मुश्किल इलाके में ले जाना होता था. जब भी मैं इसके बारे में सोचता हूं तो मेरे पैर और घुटने में दर्द महसूस होने लगता है.'

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क्या आपको कोई स्पेशल किट लेनी होगी?

वेल्स ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सरसाइज को आम लाइफस्टाइल वाले लोग यदि करते हैं तो उन्हें रकिंग बैग और प्लेट्स की जरूरत नहीं है लेकिन ध्यान रखें खराब क्वालिटी वाले बैग में वजन रखने से चोट लग सकती है और खराब फिटिंग वाला रकसैक जिसमें वजन रखा हुआ है वो आपकी पीठ, घुटने और नेक दर्द का कारण बन सकता है.

रकिंग के फायदे

नफिल्ड हेल्थ में नेशनल फिटनेस अश्योरेंस हेड ओलिविया टायलर (Olivia Tyler) ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया, 'रकिंग करने से आप आउटडोर एक्टिविटी का मजा ले सकते हैं और साथ ही हाई इंटेंसिटी वाली वॉक भी कर सकते हैं. इससे एरोबिक एंड्यूरेंस या Vo2 मैक्स लेवल में सुधार कर सकते हैं.  दरअसल, एक्सरसाइज के दौरान आपका शरीर ऑक्सीजन की अधिकतम मात्रा ले सकता है और उसका उपयोग कर सकता है, जिसे अक्सर कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस के लिए जरूरी माना जाता है. इसे ही एरोबिक एंड्यूरेंस कहते हैं.'

टायलर बताते हैं, 'रकिंग एक्सरसाइज बैलेंसिंग में मदद करती है क्योंकि इस एक्सरसाइज को करने में ताकत लगती है. इससे बॉडी पोश्चर को सही करने में भी मदद मिलती है क्योंकि इसमें पीठ पर आपको वजन उठाना होता है. जिससे कोर मसल्स और पीठ के मसल्स कॉन्ट्रैक्ट होते हैं.'

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'अगर कोई नियमित रूप से हैवी वेट उठाता है तो उसके मसल्स और हड्डियां मजबूत होती हैं. हार्ट और फेफड़ों को स्वस्थ रहने के लिए हैवी काम करने की जरूरत होती है. अगर कोई रोजाना रकिंग करता है तो इससे उसके हार्ट और फेफड़े मजबूत हो सकते हैं. कॉन्फिडेंस और सेल्फस्ट्रीम बढ़ता है जिससे मूड सही रहता है.'

हालांकि यह देखने में आसान लग सकती है लेकिन शुरुआत में हैवी वजन उठाना गलत हो सकता है इसलिए कम वजन और कम दूरी से शुरुआत करें और धीरे-धीरे वजन और दूरी में वृद्धि करें. 

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