रोजाना इतनी सी शराब बढ़ा देगी कैंसर का खतरा, नई रिसर्च ने किया आगाह

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कैंसर एपिडेमियोलॉजी यूनिट के शोधकर्ताओं की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, शराब पीना और लाल मांस खाना कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है, जबकि कैल्शियम और डेयरी उत्पादों का सेवन इस खतरे को कम कर सकता है.

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कोलोरेक्टल कैंसर कोलोरेक्टल कैंसर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST

कोलोरेक्टल कैंसर को लेकर आई एक हालिया स्टडी रिपोर्ट आपको हैरान कर सकती है. हालांकि,  यह स्टडी सिर्फ महिलाओं पर की गई है लेकिन इसमें जो सामने आया है, वह कैंसर के खतरे से बचाव के लिए काफी ज्यादा जरूरी है. रिपोर्ट के अनुसार, स्टडी में पाया गया है कि शराब पीना और लाल मांस खाना कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है, जबकि कैल्शियम और डेयरी उत्पादों का सेवन इस खतरे को कम कर सकता है.

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कैंसर एपिडेमियोलॉजी यूनिट के शोधकर्ताओं ने लंबे अध्ययन के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है. इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने यूके की 5 लाख 42 हजार 778 महिलाओं को शामिल किया. रिसर्च के दौरान इनमें से 12 हजार 251 महिलाओं में कैंसर की पुष्टि की गई.

स्टडी में यह तो साफ हो गया कि प्रोसेस्ड रेड मीट का सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है लेकिन अभी यह जानना और बाकी है कि इन चीजों का सेवन किस तरह से शरीर पर असर करते हुए कैंसर का खतरा बढ़ाता है. 

रोजाना दो पेग शराब भी पड़ जाएगी सेहत पर भारी, लाल मांस भी खतरे की घंटी

अध्ययन में पाया गया कि रोजाना 20 ग्राम यानी करीब 2 पेग शराब का सेवन करने वालों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 15 प्रतिशत ज्यादा था. ऐसे में अगर आप रोजाना शराब पीते हैं, उसकी मात्रा चाहे इतनी कम भी है तो भी वह आपको इस खतरनाक बीमारी की चपेट में ले जा सकती है.  

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वहीं, रोजाना लाल मांस को शौक के साथ खाने वालों के लिए भी खतरा काफी है. अध्ययन के अनुसार,  हर रोज डाइट में 30 ग्राम या उससे अधिक लाल अथवा प्रोसेस्ड मांस का सेवन करने वालों में यह खतरा 8 प्रतिशत से अधिक था. 

इसके विपरीत, कैल्शियम का सेवन कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा कम कर सकता है. रोजाना 300 ग्राम कैल्शियम ( करीब एक गिलास दूध ) के सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 17 फीसदी कम पाया गया. शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही और पनीर का सेवन करने वालों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा कम था.

मालूम हो कि साल  2022 में लगभग 20 लाख मामलों के साथ, कोलोरेक्टल कैंसर वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे ज्यादा होने वाला आम कैंसर है. ज्यादा आय वाले देशों में अधिक लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं लेकिन अब धीरे-धीरे कम आय वाले क्षेत्रों में इसकी बढ़ोतरी हो रही है.

कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा कम करने में कैसे मददगार है ठीक डाइट

अध्ययन के अनुसार, हर रोज 20 ग्राम पूरे अनाज (आधा स्लाइस पूरे अनाज की रोटी) का सेवन करने से कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को 10 फीसदी कम किया जा सकता है. इसके अलावा, हर रोज 40 ग्राम नाश्ते के अनाज (एक सर्विंग) का सेवन करने से खतरा 7 फीसदी कम हो सकता है.

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फलों का सेवन भी कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. अध्ययन में पाया गया कि एक सेब प्रतिदिन (5 ग्राम फाइबर) का सेवन करने से खतरा 8 फीसदी कम हो सकता है. इसके अलावा, हर रोज 200 ग्राम फल (एक कप) का सेवन करने से खतरा 10 फीसदी कम हो सकता है.

वहीं सब्जियों का सेवन भी कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 100 माइक्रोग्राम फोलेट (एक कप पत्तेदार सब्जियां) का सेवन करने से खतरे का प्रतिशत कम हो सकता है.

विटामिन सी का सेवन भी कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि हर रोज 100 मिलीग्राम विटामिन सी (एक संतरे में पाया जाने वाला विटामिन सी) का सेवन करने से खतरा 10 फीसदी कम हो सकता है.

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