स्ट्रेस और डिप्रेशन का इलाज करेगा यह ऐप, जानें

अब आप घर बैठे अपने मानसिक तनाव से निजात पा सकते है आइये जानते है कैसे.

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वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के हालिया सर्वे में एक चौकाने वाली बात का खुलासा हुआ है. इस सर्वे के मुताबिक भारत में मल्टीनेशनल कंपनीज और आईटी सेक्टर में काम करने वाले 50% लोग अत्याधिक काम के चलते स्ट्रेस का शिकार हैं.

25 से 35 साल के युवा प्रोफेशनल में ये अकड़ा 65 % है, जिनको मेडिकल काउन्सलिंग की सख्त जरूरत है. पर सोशल स्टिग्मा के चलते ये ना तो परिवार का सहारा लेते हैं और ना ही डॉक्टर का.

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भागती दौड़ती जिन्दगी में एक अच्छी लाइफस्टाइल हासिल करने के लिए लोग दिन रात मेहनत करते हैं. बढ़िया आमदनी और सोशल स्टेटस इन दिनों हर किसी की पहली प्राथमिकता है. पर हालिया सर्वे में पता चला है कि लंबे वर्किंग आवर और अत्याधिक वर्क प्रेशर के चलते भारत की आधी वर्किंग क्लास आबादी गहरे तनाव का शिकार बन गई है, जिसका प्रभाव न केवल उनके काम पर पड़ता है, बल्कि उनकी निजी जिंदगी भी प्रभावित होती है.

डॉक्टर अमरजीत भाटिया का कहना है  कि अक्सर काम के वक्त होने वाले तनाव को हम गंभीरता से नहीं लेते. दफ्तर में बॉस को खुश करने से लेकर अपने सहकर्मियों से आगे निकलने और बेहतर काम करने के चक्कर में मानसिक तनाव हर दिन बढ़ता है, जिसे हम नजरअंदाज करते हैं. जो कि बाद में स्ट्रेस और डिप्रेशन का कारण बन जाता है. जिसका एक मात्र हल मेडिकल काउंसलिंग है. पर ज्यादातर लोग इससे समाज के डर से बचते है.

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सर्वे में ये बात साफ हुई है...

-22 से 25 साल के भारतीय युवा प्रोफेशनल में से 65 % depression का शिकार हैं

- जबकि ये अकड़ा 26 से 30 साल की आयु में 60% है

- और 31 साल से ज्यादा की उम्र में करीब 55 % लोग serious depression झेल रहे है।

- यहां तक कि स्कूल के बच्चे भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा और परिजनों के दबाव के चलते डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं.

मानसिक तनाव घुन की तरह हमारी जिंदगी को खत्म कर देता है. पर सामाजिक बेड़िया हमे मनोचिकित्सक तक नहीं पहुंचने देती. पर बदलती टेक्नोलॉजी ने इसके लिए भी एक अनोखा और सरल रास्ता खोज निकाला है. अब आप घर बैठे अपने मानसिक तनाव से निजात पा सकते है आइये जानते है कैसे.

डॉक्टर इंस्टा एप के फाउंडर अमित मुंजाल कि हर दिन तरक्की करती टेक्नोलॉजी ने बहुत हद तक हमारी मुश्किलो को कम करने का काम किया है. इसी कड़ी में एप बेस्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज हेल्थ केअर सेक्टर में एक बड़ा रेवोलुशन है. अब आपको किसी भी तरह की मेडिकल हेल्प के लिए घंटो हॉस्पिटल्स की लाइन्स में लगने की जरूरत नहीं है और न ही समाज के डर से मनोचिकित्सक या सेक्सओलोगिस्ट के चैम्बर जाने से कतराना होगा. बस घर बैठे अपने मोबाइल पर इस ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेंसी एप को डाउनलोड करे और एक क्लिक पर किसी भी तरह की डॉक्टरी मदद पा सकते हैं.

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