सेल्फी पोस्ट करने के बाद बढ़ जाती है हीनभावना: स्टडी

सेल्फी लेना लोगों के जानलेवा तो साबित हो ही रहा है, इससे मानसिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है.

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सेल्फी का खतरनाक असर सेल्फी का खतरनाक असर

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

सेल्फी लेना कई बार लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है लेकिन अब एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि सेल्फी लेने के कई और भी खतरनाक नतीजे होते हैं. स्टडी में पाया गया कि सेल्फी कई लोगों को कॉस्मेटिक सर्जरी कराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

स्टडी के मुताबिक, सेल्फी लेने के बाद मानसिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ता है. ज्यादा सेल्फी लेने वाले लोग अधिक चिंतित महसूस करते हैं. उनका आत्मविश्वास कम हो जाता है और वे शारीरिक आकर्षक में कमी महसूस करते हैं. सेल्फी लेने वाले कई लोगों में अपने लुक को लेकर हीनभावना इस कदर बढ़ जाती है कि वे उसमें बदलाव के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी कराने के लिए सोचने लगते हैं.

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यह स्टडी एस्थेटिक क्लीनिक्स ने की है जिसमें कॉस्मेटिक सर्जरी कराने के लिए कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद स्थित एस्थेटिक क्लिनिक जाने वाले 300 लोगों को शामिल किया गया था.

इस अध्ययन में पाया गया कि किसी फिल्टर का उपयोग किए बिना सेल्फी पोस्ट करने वाले लोगों में चिंता बढ़ने और आत्मविश्वास में कमी देखी जाती है. सेल्फी लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद मूड खराब होता है और इसका सीधा असर आत्मविश्वास पर पड़ता है. जो लोग सोशल मीडिया पर अपनी सेल्फी को पोस्ट करने से पहले दोबारा सेल्फी लेते हैं या उन्हें एडिट करते हैं, वे भी बेचैनी महसूस करते हैं.

सेल्फी पोस्ट करने के बाद लोग कॉस्मेटिक सर्जरी कराने के लिए प्रेरित हो जाते हैं.

स्टडी में पाया गया कि मरीजों ने सेल्फी लेने और उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद अधिक चिंतित, आत्मविश्वास में कमी और शारीरिक रूप से आकर्षक में कमी महसूस किया. यही नहीं, जब मरीजों ने अपनी सेल्फी बार-बार ली तथा अपनी सेल्फी में बदलाव की तो सेल्फी के हानिकारक प्रभाव को महसूस किया.

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स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है, उन पर सेल्फी का सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ता है.

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