प्रदूषित हवा में सांस लेने से बढ़ता है मोटापे का खतरा, वैज्ञानिकों का दावा

हालिया स्टडी में वैज्ञानिकों ने चौंकाने वाला दावा किया है. उनके मुताबिक, प्रदूषित हवा में सांस लेने से मोटापा बढ़ने की संभावना अधिक होती है.

प्रतीकात्मक फोटो
प्रज्ञा बाजपेयी
  • नई दिल्ली,
  • 27 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 2:01 PM IST

हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अधिक वायु प्रदूषण वाली जगहों पर रहने वाले बच्चे दूसरे बच्चों के मुकाबले अधिक जंक फूड का सेवन करते हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक, वायु में प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण लोगों में हाई ट्रांस फैट डाइट का सेवन 34 फीसदी तक बढ़ जाता है. शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि अधिक वायु प्रदूषण के कारण लोग घर के बजाए बाहर का जंक फूड ज्यादा खाते हैं.

हालांकि, अभी तक इसका कारण पता नहीं लग पाया है कि ऐसा क्यों होता है. लेकिन एक्सपर्ट ने अनुमान लगाया है कि इसका संबंध वायु में मौजूद प्रदूषित तत्व से हो सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, प्रदूषण से शरीर को खाने से मिलने वाली एनर्जी और ब्लड शुगर पर प्रभाव पड़ता है और भूख भी कम लगती है.

यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया के शोधर्ताओं की टीम के मुताबिक, वायु प्रदूषण के स्तर को कम करके लोगों में मोटापे की समस्या को कम किया जा सकता है. यह स्टडी अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित की गई है. इस स्टडी में शोधकर्ताओं की टीम ने 3,100 बच्चों को शामिल किया है. इन सभी बच्चों में वायु प्रदूषण से उनके रेस्पिरेटरी सिस्टम पर होने वाले प्रभाव की जांच की गई.

स्टडी में शामिल बच्चों से उनकी डाइट के बारे में सवाल पूछे गए कि वे बाहर कब और क्या खाते हैं. स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने स्टडी में शामिल सभी लोगों के घर के आस-पास मौजूद बिजली संयंत्रों और गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण की मात्रा की जांच की.

शोधकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण के अधिक स्तर वाली जगहों पर रहने वाले बच्चों ने हाई ट्रांस फैट डाइट का अधिक सेवन किया. स्टडी के नतीजों में शोधकर्ताओं ने पाया कि अधिक वायु प्रदूषण में रहने वाले बच्चे 34 फीसदी ज्यादा ट्रांस फैट डाइट का सेवन करते हैं.

स्टडी के मुख्य लेखक Dr Zhanghua Chen ने बताया कि, 'जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, वे दिमागी तौर पर भी मैच्योर होते हैं. इस दौरान पर्यावरण कारकों का लोगों के दिमाग पर अधिक प्रभाव पड़ता है, जो लंबे समय तक रहता है.' उन्होंने आगे बताया कि, 'वायु प्रदूषण से लोगों के दिमाग के फंक्शन और उनकी डाइट में होने वाले बदलाव और मोटापे के कारण को जांच करने के लिए हम कई दूसरी स्टडीज करने का विचार कर रहे हैं.'

हालांकि, अभी तक ये पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है कि वायु प्रदूषण का मोटापे से क्या संबंध है. वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से शरीर में सूजन आ सकती है. इसके अलावा उनके मुताबिक,  प्रदूषित हवा में सांस लेने से शरीर को खाने से एनर्जी नहीं मिलती है. इस कारण शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाता है. ब्लड शुगर कम होने से लोग जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है.

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