Hindi Jokes: नंबर वाला चश्मा उतारने का घरेलू उपाय जानकर कंट्रोल नहीं होगी हंसी

Viral Chutkule: हंसने से मानसिक तनाव दूर होने के साथ मूड भी फ्रेश रहता है. इसलिए हंसना सेहत के लिए बहुत जरूरी है. कई बार चुटकुले हमें हंसाने-मुस्कुराने और खिलखिलाने में काफी हद तक मददगार होते हैं. तो आइए पढ़ते हैं सोशल मीडिया पर वायरल जोक्स और चुटकुले.

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Jokes Jokes

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

> टीचर - बेटा अगर सच्चे दिल से प्रार्थना की जाए तो वो जरूर सफल होती है.
मिंटू - रहने दीजिए सर, अगर ऐसा होता तो आप मेरे सर नहीं, ससुर होते..
फिर क्या... मिंटू की हुई जोरदार धुनाई.

 

> रमेश जलेबी बेच रहा था, लेकिन कह रहा था आलू ले लो...आलू ले लो!
राहगीर- लेकिन ये तो जलेबी है
रमेश- चुप हो जा! वरना, मक्खियां आ जाएंगी.

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> लड़की वाले- हमें लड़का पसंद नहीं.
लड़के वाले- पसंद तो हमें भी नहीं लेकिन अब क्या करें घर से निकाल दें?

 

> बेटा- मुझे शादी नहीं करनी!! मुझे सभी औरतों से डर लगता है!
पिता- कर ले बेटा! फिर एक ही औरत से डर लगेगा, बाकी सब अच्छी लगेंगी.

 

ऐसे ही जोक्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

> बाबा घंटू- नंबर वाला चश्मा... उतारने का घरेलू उपाय
पहले दायें हाथ में दायी डंडी पकड़े
फिर बायें हाथ में बायी डंडी पकड़े
धीरे से चश्मा आगे की तरफ खींचे
चश्मा उतर जाएगा.

 

> तुम हर बात पर हमेशा मेरा-मेरा करती हो, तुम्हें हमारा कहना चाहिए
पत्नी कुछ ढूंढ रही होती है अलमारी में.
पति- क्या ढूंढ रही हो ?
पत्नी- हमारा पेटीकोट.

 

> महिला- डॉक्टर साहब, मेरे पति नींद में बातें करने लगे हैं, क्या करूं?
डॉक्टर- उन्हें दिन में बोलने का मौका दीजिए.
सोच में पड़ गई पत्नी!

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> इंटरवल के बाद अंधेरे में अपनी सीट की ओर लौटती महिला ने कोने वाली सीट पर बैठे व्यक्ति से पूछा - भाई साहब,
क्या बाहर जाते समय मैंने गलती से आपका पैर कुचल दिया था?
दर्शक (गुस्से में) - हां, कुचला था, पर अब क्यों माफी मांग रही हो?
महिला - माफी-वाफी नहीं भैया, इसका मतलब कि मेरी सीट इसी लाइन में है.

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

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