> दरोगा - तुमने हवलदार की जेब में माचिस क्यों जलाई?
टोलू- सर, हवालदार साहब ने कहा था, अगर जेल नहीं जाना चाहता तो , तो जेब गर्म कर,
मैंने माचिस जला दी.
> बिट्टू- आज सुबह जब मैं पापा के साथ बस में आ रहा था
तो उन्होंने एक आंटी के लिए मुझसे अपनी सीट छोड़ने को कहा,
मां- बेटा यह तो अच्छी बात है, बड़ों का सम्मान करना चाहिए.
बिट्टू - मगर मां, मैं तो पापा की गोद में बैठा हुआ था.
> एक अक्षर गलत होने की वजह से एक किताब की 10 लाख कॉपियां
दो दिन में ही बिक गईं.
दरअसल, ये गलती उस किताब के टाइटल में हो गई थी.
किताब का नाम था - 'एक आइडिया जो आपकी लाइफ बदल दे'
और गलती से हो गया - 'एक आइडिया जो आपकी वाइफ बदल दे'.
> मां ने कभी तंत्र विद्या नहीं सीखी है...लेकिन...
जिस लड़की पर उनका बेटा फिदा होता है...
मां एक नजर में बता देती है कि...
वो चुड़ैल है.
> दूल्हा - घूंघट उठाते हुए क्या मैं चेहरा देख लूं?
दुल्हन - हां, लेकिन देखकर डिलीट कर देना.
> चंपू- बचपन से ही शौक था अच्छा इंसान बनने का.
गप्पू- फिर क्या हुआ, बन गए?
चंपू- अरे कहां, बचपन खत्म.
शौक खत्म.
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(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)
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