> एक आदमी खड़े-खड़े चाबी से अपना कान खुजा रहा था.
दूसरा आदमी पास जाकर बोला - भाई अगर तू स्टार्ट नहीं हो पा रहा है तो धक्का लगाऊं क्या?
> एक ऑटो वाले की शादी हो रही थी
जब उसकी दुल्हन फेरों के वक्त उसके पास बैठी तो वह बोला,
थोड़ा पास होकर बैठो, अभी एक और बैठ सकती है
फिर क्या था मण्डप में ही…दे चप्पल दे चप्पल!
> एक साहब महिला से कहने लगे- माफ कीजिए मैं कुछ देर आपसे बातें करना चाहता हूं.
महिला - इससे आपका क्या फायदा होगा?
साहब - दरअसल, मेरी पत्नी खो गई है,
वह मुझे आपसे बातें करते हुए देखेगी तो गोली की तरह यहां पहुंच जाएगी.
> मंटू और चंटू दोनों भाई एक ही क्लास में पढ़ते थे.
अध्यापिका - तुम दोनों ने अपने पापा का नाम अलग-अलग क्यों लिखा?
मंटू- मैडम फिर आप कहोगे नकल मारी है, इसीलिए.
> पत्नी - बाजार से दूध का एक पैकेट ले आना!
हां, अगर बाजार में अंडे दिखे तो 6 ले आना
पति- 6 पैकट दूध ले आया
पत्नी - 6 पैकेट दूध?
पति - हां छः पैकेट ही लाया हूं क्योंकि बाजार मे अंडे दिख गए थे!
अब बताओ पति कहां पर गलत है?
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> गोलू- तुम इतना क्यों चिल्लाती हो?
पत्नी- क्योंकि हर बार गलती तुम ही करते हो
गोलू- काश तुम एक कोयल होती.
पत्नी- तो फिर क्या करते?
गोलू- फिर मैं तुझसे पूछता कि बता कौन ज्यादा गलती करता है और तुम कोयल की तरह कूक कूक करती.
> कंजूस आदमी ने पंडित जी को कम पैसे दिए और पूछा- कोई ऐसा उपाय बताओ कि मैं मालामाल हो जाऊं.
पंडित जी- एक ऐसा मंत्र बताता हूं, जितनी बार बोलोगे उतनी बार धन की प्राप्ति होगी.
रोज किसी चौराहे पर जाओ और बोलो ''भगवान के नाम पर दे दे रे बाबा''.
> भिखारी- क्या बात है साहब, पहले आप 100 रुपए देते थे, फिर 50 और अब 25...
साहब- पहले मैं कुंवारा था, अब शादी हो गई और एक बच्चा भी है,
भिखारी- वाह साहब वाह..
बहुत अच्छे...इसका मतलब पूरा परिवार मेरे हिस्से के पैसे पर ऐश कर रहा है.
> घंटू- आज घर के सामने पेड़ पर रस्सी बांध देता हूं, कपड़े सुखाने के लिए.
पड़ोस में रहनेवाली रिंकी- अरे-अरे क्या कर रहे हो तुम, ऐसा कदम मत उठाना. मेरी तरफ से हां है.
सुनते ही झूम उठा घंटू.
> चोलू- जरूरी नहीं है कि पत्नी अपना गुस्सा लड़-झगड़कर ही निकाले. एक और तरीका है.
टोलू- क्या?
चोलू- वह मोटी-कच्ची रोटी और सब्जी में बिना नमक डाले भी अपना गुस्सा निकाल सकती है.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)
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