Jokes: पति का ये एक शब्द सुलझा देता था बड़े से बड़ा झगड़ा, जानकर छूट जाएगी हंसी

Jokes: सेहतमंद रहने के लिए हंसना बेहद जरूरी है. हंसी हमें मानसिक तनाव और चिंता से दूर रखने में बड़ी भूमिका निभाती है. इसलिए हम सभी को सुबह और शाम नियमित रूप से हंसना चाहिए. ऐसे में हम आपके लिए जोक्स का पिटारा लेकर आए हैं.

Advertisement
Funny Jokes Funny Jokes

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST

> मंटू और चंटू बात कर रहे थे...
मंटू बोला - मेरा बॉस सबको परेशान करता था, 
तो कल शाम को मैंने उसके खाली टिफिन में 
चुपके से दो चॉकलेट रख दी और एक पर्ची डाल दी.
पर्ची में लिखा था- 'जानू दोनों तुम ही खाना, उस चुड़ैल को मत देना'
आज बॉस लंगड़ाते हुए ऑफिस आया था,
चेहरा इतना सूजा हुआ था कि एक आंख भी नहीं खोल पा रहा था..

Advertisement

 


> एक शराबी ने दोस्तों के साथ पार्टी का प्रोग्राम बनाया और
अपने ही घर से रात को बकरा चोरी किया और खूब दावत की.
सुबह जब घर पहुंचा तो बकरा घर पर ही खड़ा था.
शराबी ने अपनी बीवी से पूछा- बकरा कहां से आया?
बीवी (गुस्से में) - बकरे को गोली मारो, रात से अपना कुत्ता गायब है.

 


> पति-पत्नी का एक घंटे से चल रहा झगड़ा
पति के द्वारा बोली गई सिर्फ एक लाइन में खत्म हो गया...
और वो लाइन थी...
सुंदर हो तो कुछ भी बोलोगी क्या?

 

ऐसे ही जोक्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

> पत्नी - सुनो जी, अगर मैं वक्त होती तो शायद सबको मेरी बहुत ज्यादा कद्र होती ना?
पति - हां प्रियतम, तुम्हारा खौफ होता चारों तरफ.
पत्नी - खौफ क्यों होता?
पति - अरे, तुम्हें देखते ही लोग सहम जाते और कहते देखो बुरा वक्त आ रहा है.

Advertisement

 

> पति- आज ये रोटियां जली हुई कैसी हैं?
पत्नी- क्योंकि मैं आजकल खूबसूरत होती जा रही हूं.
पति- तुम्हारे खूबसूरत होने से रोटी जलने का क्या लेना-देना है?
पत्नी- रोटियां भी मेरी खूबसूरती को देखकर जलने लगी हैं.

 

> एक दिन चिंटू पंडित जी के पास गया.
पंडित- तुम्हारी कुंडली में धन ही धन लिखा है.
चिंटू- वो तो सब ठीक है पंडित जी लेकिन ये तो बताइए इस धन को बैंक में कैसे ट्रांसफर करूं.
पंडित बेहोश.

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement