जब पति ने कहा- राक्षस से शादी करके भी मैं इतना परेशान नहीं रहता जितना आज हूं, पत्नी ने यूं कर दी बोलती बंद

खुश रहना सेहतमंद रहने की कुंजी है. टेंशन फ्री लाइफ और मानसिक तनाव दूर करने के लिए हंसना-मुस्कुराना बहुत जरूरी है. तो आइए फिर देर किस बात की, मजेदार चुटकुलों के साथ शुरू करते हैं ये हंसने हंसाने का सिलसिला.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:16 AM IST

> पत्नी- चल तो रहे हो, मायके लड़ना मत.
वो मेरे पापा का घर है.
पति- तो मेरे बाप का घर क्या कुरुक्षेत्र है, जो रोज महाभारत करती रहती हो.

 

> पति- अगर मेरी शादी किसी राक्षस से भी हो जाती, तो मैं इतना परेशान नहीं होता जितना तुम्हारे साथ हूं.
पत्नी- पागल खून के रिश्तों में शादी कहां होती है?
पति की हो गई बोलती बंद!

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> पत्नी ने पति से पूछा- अच्छा यह बताओ कि तुम मूर्ख हो या मैं?
पति- (शान्त मन से) ये बात तो सब लोग जानते हैं कि तुम अत्यन्त तीव्र बुद्धि की स्वामिनी हो 
इसलिए यह कभी हो ही नहीं सकता कि तुम किसी मूर्ख व्यक्ति से शादी करो 
पति का नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भेजा गया है.

 

> बैंक मैनेजर- कैश खत्म हो गया है कल आना
रामू- लेकिन मुझे मेरे पैसे अभी चाहिए
मैनेजर- देखिए आप गुस्सा मत करिए, शांति से बात कीजिए
रामू- ठीक है बुलाओ शांति को, आज तो मैं उसी से बात करूंगा.

 

>लड़की वाले- हमें लड़का पसंद नहीं.
लड़के वाले- पसंद तो हमें भी नहीं है, अब क्या करें घर से निकाल दें?

 

> पुलिस- घर में मालिक होते हुए तुमने चोरी कैसे की ?
चोर- साहिब आपकी नौकरी भी अच्छी है, सैलरी भी अच्छी है, फिर आप ये सब सीखकर क्या करोगे?

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> पति- पत्नी की लड़ाई हो गई.
आधा दिन चुपचाप गुजरने के बाद पत्नी-पति के पास आई और बोली- थोड़ा आप समझौता करो, थोड़ा मैं करती हूं.
पति - ठीक है क्या करना है?
पत्नी - आप माफी मांग लो, मैं माफ कर दूंगी.

 

> डाकू - हम घर लूटने आए हैं, मगर बंदूक घर पर भूल आए हैं
सचिन- कोई बात नहीं, आप लोग शरीफ आदमी लगते हो,
आज घर लूट लो कल आकर बंदूक जरूर दिखा जाना.

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(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

 

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