Jokes: जब पति ने कहा- काश तुम शक्कर जैसी मीठी होतीं... तो पत्नी ने दिया ये मजेदार जवाब

Social Media Viral Jokes: हंसना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. ऐसे में मजेदार जोक्स और चुटकुले माहौल को खुशनुमा बनाने में मददगार होते हैं. आज फिर हम आपके लिए लेकर आए हैं हंसाने-मुस्कुराने और ठहाके लगाने वाले वायरल चुटकुले.

Advertisement
Special Jokes Special Jokes

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:44 AM IST

1. संजू अपना लेसन याद करके नहीं आया
टीचर- अपना लेसन याद क्यों नहीं किया?
संजू- जी मैम, कल रात को जैसे ही पढ़ने बैठा, लाइट चली गई
टीचर- तो फिर लाइट नहीं आई क्या?
संजू- आई, पर जैसे ही पढ़ने बैठा फिर चली गई
टीचर- अरे तो फिर लाइट नहीं आई क्या?
संजू- आई थी, पर मैं फिर इस डर से पढ़ने नहीं बैठा कि फिर से ना चली जाए!

Advertisement

 

2. पति ने पत्नी से बड़े ही प्यार से कहा - काश तुम शक्कर होतीं,
कभी तो मीठा बोलतीं...
पत्नी- काश तुम अदरक होते, कसम से... जी भरकर कूटती...!!!
पत्नी का जवाब सुनकर पति बेहोश!

 

3. बॉस ने मीटिंग में चुटकुला सुनाया
बॉस के चुटकुले पर पूरी टीम हंसने लगी, लेकिन गप्पू नहीं हंसा
बॉस- तुम्हें मेरा चुटकुला समझ में नहीं आया क्या?
गप्पू- सर, मेरा दूसरी कंपनी में सेलेक्शन हो गया है!
गप्पू की बात सुनकर बॉस बेहोश हो गया

 

4. भिखारी- भाई एक रुपया दे दो, तीन दिन से भूखा हूं
राहगीर- तीन दिन से भूखा है तो एक रुपये का क्या करेगा?
भिखारी- वजन देखना है कि कितना घटा!

 

ऐसे ही मजेदार चुटकुले पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
 

5. पत्नी:- आपको मेरी सुंदरता ज्यादा अच्छी लगती है या मेरे संस्कार?
पति:- मुझे तो तेरी ये मजाक करने की आदत बहुत अच्छी लगती है.

Advertisement

 

6. लड़की- कितना प्यार करते हो मुझसे?
प्रेमी- शाहजहां जितना
लड़की- तो ताजमहल बनवाओ
प्रेमी- जमीन खरीद ली है, बस तुम्हारे मरने का इंतजार कर रहा हूं

 

7. पत्नी- जरा किचन से आलू लेते आना
पति- यहां तो कहीं आलू दिख नहीं रहे हैं
पत्नी- तुम तो हो ही अंधे, कामचोर हो, एक काम ढंग से नहीं कर सकते,
मुझे पता था कि तुम्हें नहीं मिलेंगे, इसलिए मैं पहले ही ले आई थी!
अब आदमी की कोई गलती हो तो बताओ

 

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement