56 साल के पिनमैन बद्रीनाथ जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर हक्के-बक्के रह गए. उन्हें समझ नहीं आया कि इस शख्स की जान कैसे बचाई जाए. सिर्फ गले में ही 88 पिनें मिलीं. सांस की नली, खाने की नली और वोकल कॉर्ड सभी जाम पड़े थे. डेढ़ महीने से बद्रीनाथ ने खाना नहीं खाया था. सिर्फ पानी पीकर और चाय बिस्किट पर जिंदा थे. डॉक्टरों के सामने पहली चुनौती गले की पिनों को निकालने की थी.