झारखंड में एम्स के तर्ज पर विकसित सबसे बड़े अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में पढ़ाई करने वाले पांच डॉक्टरों ने झारखंड में सेवा देने से बेहतर 15 -15 लाख रुपये का आर्थिक दंड भरना समझा. देखिए इस पर संस्थान के निदेशक ने आज तक से बातचीत में क्या कहा?