चीन पहले तो डोकलाम पर किसी तरह की बातचीत करने के लिए तैयार नहीं था. चीन का कहना था कि पहले भारत सैनिक हटाए, फिर कोई बातचीत हो सकती है. भारत का रुख था कि डोकलाम पर कूटनीतिक बातचीत के बाद ही सैनिक हटेंगे. बातचीत की शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल चीन गए थे.