जीएसटी के कुछ टैक्स स्लैब ऐसे हैं जिसे लेकर व्यापारियों में जबरदस्त असंतोष है. नयी कर प्रणाली में अधिकतम टैक्स स्लैब 28 प्रतिशत का है और सरकार ने मार्बल-ग्रेनाइट उद्योग को इसी कैटेगरी में रखा है. औसतन करीब 10 से सीधे 28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी सुनने के बाद व्यापारी डरे हुए हैं. जीएसटी के जरिए सरकार ने अभूतपूर्व सुधारों की बात की है लेकिन जैसे जैसे 1 जुलाई की तारीख नजदीक आ रही है, व्यापारियों के कुछ तबकों में जीएसटी को लेकर डर जैसा माहौल बनता जा रहा है. खासतौर पर जिनका व्यवसाय 28 फीसदी टैक्स स्लैब में है. फिलहाल ग्रेनाइट-मार्बल पर राजस्थान में 5 फीसदी वैट भर लगता है तो बाकी इलाकों में वैट अधिकतम 12 फीसदी है, लेकिन जीएसटी में मार्बल ग्रेनाइट के व्यवसाय को सबसे ज्यादा यानी 28 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखा गया है