संत जो बोलता है. वही करता है. एक संत का यही धर्म होता है. पर किसे पता था कि ये संत अब राजनेता बन गया है. पूरा नेता. नेता किसी का दिल नहीं तोड़ते, वो दिलों को कुचल देते हैं. नेता राजनीति करें तो चलता है लेकिन संत सियासत करे तो दिल टूटता है. सच में सबका दिल टूट गया. जिस तरह से योगी सरकार का उन्नाव रेप मामले में रवैय्या रहा है, उससे से सिर्फ पीड़िता का नहीं पूरे देश का दिल टूटा है.