विश्व विख्यात तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली शीतकाल के छह माह के लिये अपने शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो गई है. अब भक्त छह माह तक तुंगनाथ के दर्शन यही करेंगे.
डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान होने के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान भारी संख्या में भक्तों का हुजूम उमड़ा और भक्तों ने पुष्प-मालाओं से तृतीय केदार तुंगनाथ का स्वागत किया.
दरअसल, चार नवम्बर को तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के छह माह के लिये बंद कर दिये गये थे. कपाट बंद होने के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन तुंगनाथ की डोली 20-25 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद अपने शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ मंदिर मक्कूमठ पहुंची.
तीन दिनों तक तुंगनाथ की उत्सव डोली ने पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने दर्शन किया और आशीष लिया. डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होते समय शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ के जयकारों से गूंज उठा. भक्त दूर-दराज क्षेत्रों से तुंगनाथ के दर्शनों के लिये पहुंचे थे.
प्रवीण सेमवाल