तुंगनाथ की डोली पहुंची शीतकालीन गद्दीस्थल, उमड़ा भक्तों का हुजूम

चार नवम्बर को तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के छह माह के लिये बंद कर दिये गये थे. कपाट बंद होने के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन तुंगनाथ की डोली 20-25 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद अपने शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ मंदिर मक्कूमठ पहुंची. 

Advertisement
चार नवम्बर को कपाट विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए चार नवम्बर को कपाट विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए

प्रवीण सेमवाल

  • देहरादून,
  • 06 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST
  • चार नवम्बर को बंद हुए थे कपाट
  • तुंगनाथ की डोली पहुंची शीतकालीन गददीस्थल 

विश्व विख्यात तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली शीतकाल के छह माह के लिये अपने शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो गई है. अब भक्त छह माह तक तुंगनाथ के दर्शन यही करेंगे. 

डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान होने के दौरान उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान भारी संख्या में भक्तों का हुजूम उमड़ा और भक्तों ने पुष्प-मालाओं से तृतीय केदार तुंगनाथ का स्वागत किया. 

Advertisement

दरअसल, चार नवम्बर को तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के छह माह के लिये बंद कर दिये गये थे. कपाट बंद होने के बाद शुक्रवार को तीसरे दिन तुंगनाथ की डोली 20-25 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने के बाद अपने शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ मंदिर मक्कूमठ पहुंची. 

देखें- आजतक LIVE TV

तीन दिनों तक तुंगनाथ की उत्सव डोली ने पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने दर्शन किया और आशीष लिया. डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होते समय शीतकालीन गद्दीस्थल तुंगनाथ के जयकारों से गूंज उठा. भक्त दूर-दराज क्षेत्रों से तुंगनाथ के दर्शनों के लिये पहुंचे थे.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement