श्राइन बोर्ड के विरोध में चारों धाम के तीर्थ पुरोहितों का हल्ला बोल

वैष्णो देवी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सरकार ने श्राइन बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया है. ऐसे में तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और तमाम मंदिर समिति के लोगों के भीतर बेहद आक्रोश बना हुआ है.

Advertisement
श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर पंडा समाज का विरोध श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर पंडा समाज का विरोध

दिलीप सिंह राठौड़

  • देहरादून,
  • 03 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:32 PM IST

  • उत्तराखंड में श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर पंडा समाज का विरोध जारी
  • तीर्थ पुरोहितों का आरोप, बोर्ड के गठन से पहले सरकार नहीं की वार्ता

सरकार द्वारा उत्तराखंड में श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर पंडा समाज का विरोध लगातार जारी है.  चारों धामों के तीर्थ पुरोहित और तमाम मंदिर समिति के लोगों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर सीएम आवास कूच किया. सीएम आवास से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस ने सभी को रोक लिया. वहीं पंडा समाज ने सड़क पर बैठकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की और सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध किया.

Advertisement

वैष्णो देवी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सरकार ने श्राइन बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया है. ऐसे में तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और तमाम मंदिर समिति के लोगों के भीतर बेहद आक्रोश बना हुआ है. सभी का कहना है कि सरकार के इस काले कानून को वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे. इसके लिए उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा.

तीर्थ पुरोहितों ने लगाया आरोप

तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि हमारे पूर्वज लंबे समय से मंदिरों में पूजा अर्चना करते हुए आए हैं. अनादि काल से तीर्थ पुरोहित मंदिरों का संचालन कर रहे हैं. ऐसे में अचानक से सरकार श्राइन बोर्ड लाकर उनके हक-हकूकों को छीन रही है.

तीर्थ पुरोहितों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि श्राइन बोर्ड के गठन से पहले सरकार ने तीर्थ पुरोहितों के साथ एक बार भी वार्ता नहीं की. अगर सरकार को श्राइन बोर्ड लाना ही था तो एक बार कम से कम उनके साथ बातचीत जरूर कर लेनी चाहिए थी. यात्रा अगर आज चरम सीमा पर गई है और यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है तो उसमें तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समिति के कार्यकर्ताओं का अहम योगदान है.

Advertisement

तीर्थ पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

श्राइन बोर्ड को लेकर उत्तराखंड में सरकार के खिलाफ हर ओर से तीर्थ पुरोहितों, पंडा समाज और मंदिर के पुजारियों के सुर उग्र होते हुए दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी है जिसमें तीर्थ पुरोहितों के प्रदर्शन करने की भी योजना है. अब सरकार के सामने ये बड़ी चुनौती है कि वो किस तरह से पंडा समाज को मना पाती है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement