यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग की आज मंगलवार से शुरुआत होने जा रही है. लंबे इंतजार के बाद जेपी के टोल पर भी फास्टैग की सुविधा उपलब्ध हो रही है. ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच 165 किलोमीटर लंबे नोएडा एक्सप्रेसवे पर तीनों टोल प्लाजा पर दो-दो फास्टैग बूथ शुरू कर दिए जाएंगे.
जेपी इंफ्राटेक की ओर से आज जेवर टोल प्लाजा पर इस संबंध में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. देर से ही सही फास्टैग केस कार्यक्रम में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सीईओ डॉक्टर अरुणवीर सिंह भी शामिल होंगे. मंगलवार शाम से यमुना एक्सप्रेसवे पर फास्टैग टोल सिस्टम लागू हो जाएगा. यमुना एक्सप्रेसवे पर दो लेन फास्टैग वाहनों के लिए शुरू किए जाएंगे जबकि बाकी की 2 लाइन पर डिजिटल या कैश के जरिए पेमेंट किया जा सकेगा.
नोएडा एक्सप्रेसवे ऑपरेशंस के प्रमुख संतोष पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच 165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर तीनों टोल प्लाजा पर दो-दो फास्टैग बूथ शुरू कर दिए जाएंगे.
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उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे पर अभी तक जेपी इंफ्राटेक अपना टोल प्लाजा चला रहा था. अब एक्सप्रेसवे की सब्सिडरी ने तीन टोल प्लाजा पर फास्टैग प्रणाली को लागू करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के साथ हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.
JP के किसी भी टोल पर फास्टैग नहीं
नोएडा एक्सप्रेसवे ऑपरेशंस के प्रमुख संतोष पंवर ने बताया कि प्राधिकरण की तरफ से सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. इस फैसले को लेकर 15 फरवरी को यमुना प्राधिकरण के कार्यालय में कर्सोसियम बैंक और अथॉरिटी के बीच MOU साइन किया गया था. NHAI के सभी हाईवे पर फास्टैग की सुविधा उपलब्ध है. यह फैसला हाईवे और एक्सप्रेसवे पर जाम की परेशानी से बचने के लिए लिया गया है. फास्टैग को अप्रैल के महीने में ही लागू किया जाना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते इस प्रोजेक्ट में देरी हुई है.
यमुना एक्सप्रेसवे की शुरुआत 2012 में हुई थी. वैसे तो यमुना एक्सप्रेसवे को बनाने का ऐलान साल 2001 में किया गया था. यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा से लेकर आगरा तक JP कंपनी टोल वसूलती है. JP के किसी भी टोल पर फास्टैग की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
हालांकि, आगरा के बाद लखनऊ तक एक्सप्रेसवे पर फास्टैग की सुविधा मौजूद है यानी अब JP के टोल पर भी फास्टैग की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. यमुना एक्सप्रेसवे से हर दिन करीब 28 हजार वाहन गुजरते हैं. निजी हाइवे होने के कारण शुरुआत में JP कंपनी ने फास्टैग लागू करने से मना कर दिया था, लेकिन यमुना प्राधिकरण की सख्ती के बाद कंपनी तैयार हो गई.
तनसीम हैदर