उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा टाल दी गई है. परीक्षा कल होने वाली थी, लेकिन परीक्षा रोक दी गई है. अब 4 जनवरी को सिपाही भर्ती परीक्षा कराई जाएगी. प्रशासन ने यह फैसला पिछले हफ्ते जुमे की नमाज के दिन हुई हिंसा को देखते हुए लिया है. इस बात की आशंका जताई जा रही है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं.
इससे पहले उत्तर प्रदेश में हुई उग्र हिंसा के कारण प्रस्तावित पोलीटेक्निक की विशेष बैक परीक्षा भी स्थगित कर दी गई थी. इससे पहले भी परीक्षा स्थगित कर दी गई थी. वहीं, हिंसा के कारण यूपी प्रशासन ने यूपी टीईटी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी थीं.
उत्तर प्रदेश ही नहीं, दिल्ली में भी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण परीक्षाएं प्रभावित हुई थीं. जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुछ परीक्षा कार्यक्रमों में बदलाव किया गया था.
पूर्व IPS समेत 46 लोगों को नोटिस
उत्तर प्रदेश की राजधानी में नागरिकता संशोधन के विरोध में हुई हिंसा के 46 आरोपियों की संपत्ति कुर्क किए जाने का नोटिस भेजा गया है. पुलिस ने सीसी फुटेज के आधार पर राजधानी में 46 उपद्रवियों की पहचान की, जिसके बाद उन्हें नोटिस भेजा गया. इसमें रिहाई मंच के मुहम्मद शोएब, कांग्रेस नेता सदफ जफर, पूर्व आईजी एस.आर.दारापुरी समेत कई अन्य लोग शामिल हैं.
यह नोटिस हजरतगंज पुलिस द्वारा तैयार 46 बलवाइयों की सूची पर जिला प्रशासन ने जारी किया है. एक अनुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान 3 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के नुकसान होने का अनुमान है.
राजधानी के चार थाना क्षेत्रों- हजरतगंज, कैसरबाग, ठाकुरगंज और हसनगंज में उपद्रवियों ने 19 दिसंबर को तोड़फोड़ कर करीब 35 वाहनों को आगे के हवाले कर दिया था.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई बलवाइयों से करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद जिला प्रशासन ने बलवाइयों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस भेजकर एक सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा है. अगर वे खुद को निर्दोष साबित नहीं कर पाते हैं तो उन्हें एक तय राशि का भुगतान सरकार को क्षतिपूर्ति के तौर पर करना होगा. निर्धारित राशि न देने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जाना भी शामिल है.
लखनऊ के जिलाधिकारी (डीएम) अभिषेक प्रकाश ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करते हुए हमने ये कार्रवाई शुरू कर दी है."
उन्होंने बताया कि नुकसान का अनुमान करोड़ों में है और अभी आकलन किया जा रहा है कि आखिर कुल कितना नुकसान हुआ है. हर सेक्टर में नुकसान का आकलन कर हिंसा करने वालों पर जुर्माने की राशि तय की जाएगी.
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