उत्तर प्रदेश के कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी का इस समय एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियों में उन्हें जमातियों को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाया गया है, जिसे एक खास कम्युनिटी के खिलाफ माना जा रहा है.
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दरअसल, बीते दिनों प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने तबलीगी जमात के लोगों पर अभद्रता का आरोप लगाया था, तब वे चर्चा में आई थीं. अब एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे जमातियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिख रही हैं. इस वीडियो को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही है. इस वीडियो को लेकर देश के कई राजनेता टिप्पणी भी कर रहे हैं.
'मेरा बयान नहीं, इग्नोर करें'
इस पूरे मामले पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने आज तक से अपनी सफाई देते हुए कहा कि मेरा ये वीडियो जो बनाया गया है उसमें ऐसा कुछ नहीं है. वो मेरा बयान नहीं है. उसको स्टिंग कर समाज में विद्वेष फैलाने के लिए बनाया गया है. उसको इग्नोर किया जाए. ये गलत है. मैं तो खुद 38 सालों से सभी समाज के लोगों का इलाज करती आ रही हूं. मेरी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं थी.
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उन्होंने अपनी सफाई में आगे कहा कि हम लोग काफी प्रेशर में थे. गुस्से में कभी कुछ कह भी दिया, तो मंशा गलत नहीं थी. जैसे मां अपने बच्चों को गुस्से में डांट देती है वैसा ही था. फिर मैंने उनका ख्याल भी रखा. मैंने उनका ढंग से इलाज कर उनको ठीक कर भेजा. वे भी हमको धन्यवाद करके गए.
विधायक ने की बर्खास्त करने की मांग
वहीं, जीएसवीएम मेडिकल की प्रिंसिपल डॉक्टर के वायरल वीडियो को लेकर कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी ने सोमवार को राज्यपाल के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा. इसमें उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर मांग की थी कि प्रिंसिपल आरती लाल चंदानी को बर्खास्त किया जाए. विधायक ने प्रिंसिपल की सफाई को सही नहीं बताया. उन्होंने कहा कि वे ये झूठ कह रही हैं कि मरीजों पर मां की तरह गुस्सा किया था.
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रंजय सिंह