बीजेपी नेता विनय कटियार बोले- राम मंदिर के नाम पर वसूली कर रहे लोगों पर हो कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता विनय कटियार आज अयोध्या पहुंचे. रामलला के दर्शन के बाद विनय कटियार ने कहा कि मंदिर के ट्रस्ट में सीएम योगी आदित्यनाथ महंत के तौर पर शामिल हों तो अच्छा है.

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बीजेपी नेता विनय कटियार (Photo- India Today) बीजेपी नेता विनय कटियार (Photo- India Today)

नीलांशु शुक्ला

  • अयोध्या,
  • 15 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

  • रामलला का दर्शन करने अयोध्या पहुंचे बीजेपी नेता विनय कटियार
  • कहा- मंदिर के ट्रस्ट में सीएम योगी बतौर महंत शामिल तो अच्छा है

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता विनय कटियार आज अयोध्या पहुंचे. रामलला के दर्शन के बाद विनय कटियार ने कहा कि मंदिर के ट्रस्ट में सीएम योगी आदित्यनाथ महंत के तौर पर शामिल हों तो अच्छा है. उन्होंने कहा  कि ट्रस्ट पहले से बना हुआ है, उसी में लोग शामिल हो.

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कटियार ने कहा कि पहले से राम मंदिर के नाम पर जो अवैध लोग पैसा वसूल रहे हैं, उनपर कार्रवाई होनी चाहिए. अगर मेरा जोर चला तो मैं इन सबका पैसा मेन ट्रस्ट में शामिल करा लूंगा.

बता दें कि अयोध्या जमीन विवाद पर 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन का असल मालिक रामलला विराजमान को माना है. इसके साथ ही सरकार को 6 महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाकर मंदिर निर्माण की रूपरेखा तय करने को भी कहा गया.

ट्रस्ट के दावेदार

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार द्वारा बनाए जाने वाले 'अयोध्या ट्रस्ट' को लेकर विवाद शुरू हो गया है. हर दिन ट्रस्ट के नए-नए दावेदार सामने आ रहे हैं. सबसे पहले रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने कहा था कि जब एक ट्रस्ट (रामजन्मभूमि न्यास) पहले से है तो नए ट्रस्ट की जरूरत ही क्यों है.

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उसके बाद श्रीराम जन्मभूमि रामालय ट्रस्ट के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का दावा है कि उनका न्यास मंदिर निर्माण के लिए विधिक और व्यवहारिक तौर पर सर्वाधिक उपयुक्त है. इसे लंबे समय से सबका सहयोग मिल रहा है. इसमें शामिल सभी सनातन धर्माचार्यों का सहयोग मिलता रहा है. राजनीति से इस मामले को दूर रखते हुए रामालय न्यास को ही अयोध्या में रामलला मंदिर बनाने और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाए.

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