यूपी में RSS की रणनीति, अब किसानों के दिल पर राज करने की तैयारी!

देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस का खूब विस्तार हुआ है. इसी कड़ी में अब संघ किसानों से जुड़ने की कोशिशों में है.

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25 अगस्त से 6 दिसंबर तक भारतीय किसान संघ अभियान 25 अगस्त से 6 दिसंबर तक भारतीय किसान संघ अभियान

शिवेंद्र श्रीवास्तव

  • मेरठ,
  • 29 जून 2019,
  • अपडेटेड 12:22 AM IST

देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस का खूब विस्तार हुआ है. इसी कड़ी में अब संघ किसानों से जुड़ने की कोशिशों में है.

किसान जयंती के तहत शुरू होगा अभियान

इसी कोशिश में आरएसएस पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को संघ की विचारधारा से जोड़ने के लिए उनकी समस्याओं को साझा करेगा. किसानों से जुड़ने के लिए संघ का संगठन भारतीय किसान संघ 25 अगस्त से 6 दिसंबर तक किसान जयंती के तहत अभियान चलाकर 'हल पूजन' करेगा. ये संगठन किसानों की समस्याओं को हर माह जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उनका हमदर्द बनने की कोशिश करेगा.

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भारतीय किसान संघ के सूत्रों के मुताबिक, संगठन भगवान बलराम को कृषि देवता मानता है, इसलिए 25 अगस्त से 4 सितंबर तक किसान जयंती पूरे वेस्ट यूपी में मनाई जाएगी. इस दौरान जगह-जगह हल पूजन का आयोजन होगा और इसका समापन 4 सितंबर को सहारनपुर में होगा. समापन के 2 आयोजन 5 सितंबर को मुरादाबाद और 6 सितंबर को मेरठ में भी होंगे.

संघ के कई बड़े नेता और पदाधिकारी रहेंगे मौजूद

इसके अलावा संघ किसानों के गन्ना भुगतान समेत तमाम दिक्कतों के लिए हर माह हर जिले में डीएम को ज्ञापन सौंपेगा. इस कार्यक्रम में संघ के कई बड़े नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ किसानों के बीच में ज्यादा से ज्यादा पैठ बढ़ाने के लिए अपनी शाखाओं का विस्तार गांवों तक भी करेगा. इसके जरिए संघ ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ेगा.

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आरएसएस की विचारधारा से जोड़े जाएंगे देश के युवा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल में वेस्ट यूपी समेत सभी प्रांतों में लगाए गए शिविरों में हिस्सा लेकर शाखाओं के विस्तारीकरण पर जोर दिया था. साथ ही संघ की शाखाओं के विस्तार का दायित्व प्रचारकों को सौंपा गया है. प्रचारक हर गांव में जाकर शाखाएं भी लगवाएंगे और ग्रामीणों खासकर युवाओं को आरएसएस की विचारधारा से जोड़ेंगे. इसके अलावा युवाओं को राष्ट्रीयता, देशभक्ति और समाज के उत्थान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाएंगे.

बुनायादी जरूरतों के जरिए दिल पर राज

आरएसएस के प्रचारक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जलस्रोत, श्मशान और देवालय सबके लिए खुले रहने समेत सभी अभियानों के बारे में जानकारी भी देंगे. आरएसएस का मानना है कि इस कदम से राष्ट्रीयता की भावना का संचार होगा और समाज को बांटने और तोड़ने वाली साजिशों को दूर करने पर जोर दिया जाएगा. इसके लिए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और सेवाभाव से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि ग्रामीणों में एकजुटता की भावना पैदा की जा सके.

संघ की शाखाओं में लगातार हो रहा इजाफा

बता दें कि साल 2025 में संघ के 100 साल पूरे हो जाएंगे. इस मौके आरएसएस का लक्ष्य सभी सेवा बस्तियों में शाखाएं लगवाना है. संघ की शाखाओं में लगातार इजाफा देखा जा रहा है और मेरठ क्षेत्र में शाखाओं की बढ़ोतरी सबसे अधिक हुई है. इसलिए हर गांव, हर बस्ती में संघ की सोच के साथ आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है.

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