प्रियंका गांधी ने लिखा है कि सुभाष पांड़ेय की बेटी और नवोदय विद्यालय की छात्रा की हत्या के संदर्भ में आपका ध्यान आकर्षित करना चाहती हूं. यह घटना दिल दहला देने वाली है. प्रदेश की तमाम शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ रही छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से सुभाष पांडेय जी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए कुछ बातों पर गौर करना जरूरी है.
प्रियंका गांधी ने पत्र में लिखा है कि सुभाष पांडेय की बेटी छात्रावास में संदिग्ध स्थिति में मृत पाई गई. पंचनामे में मृतका के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किसी प्रकार की चोट की आशंका नहीं जताई गई. मृतका के परिजनों का कहना है कि लड़की की हत्या हुई है.
प्रियंका गांधी ने कहा है कि माता-पिता की गैरमौजूदगी में एकदम गैरकानूनी तरीके से लड़की के शव का जलप्रवाह प्रशासन द्वारा कर दिया गया. मृतका के परिवार ने लगातार इस घटना को लेकर सवाल उठाए हैं. साथ ही कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है. उनको यह जानने का पूरा हक है कि उनकी बेटी के साथ क्या घटना घटी. इसमें कौन-कौन से लोग शामिल हैं?
प्रियंका ने आगे यह भी कहा कि क्या प्रशासन किसी को बचाने का प्रयास कर रहा है? इस घटना में निष्पक्ष जांच से जुड़े कई सारे पहलू हैं, जिन्हें सामने लाना जरूरी है. परिवार को संतुष्ट करने के लिए कदम जरूरी है. प्रियंका गांधी ने पत्र लिखकर कर इस घटना जांच में हो रही देरी पर भी सवाल खड़े किए हैं.
प्रियंका गांधी ने कहा है कि इस घटना को 2 महीने से ज्यादा बीत चुके हैं. इस प्रकरण में नामजद रिपोर्ट भी दाखिल कराई गई थी. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस मामले में न अब तक जांच हुई है, न ही किसी तरह की कार्रवाई की गई है. प्रियंका गांधी ने अपील की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
(ANI इनपुट के साथ)
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