अचार फैक्ट्री के सेफ्टी टैंक की सफाई करने उतरे पिता-पुत्र समेत 3 की मौत

पुलिस के मुताबिक अचार फैक्ट्री के सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए मालिक 62 वर्षीय लवकुश और उनके 35 साल के बेटे प्रवीण टैंक के अंदर घुसे थे, लेकिन टैंक के अंदर जहरीली गैस अधिक होने के कारण दोनों बेहोश हो गए थे. इसके बाद इनकी मौत हो गई.

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घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी

हिमांशु मिश्रा / राम कृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 2:02 AM IST

गाजियाबाद के लोनी इलाके की ट्रोनिका सिटी में घर के अंदर बनी अचार फैक्ट्री के सेफ्टी टैंक की सफाई करने के दौरान जहरीली गैस से पिता और पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई. अचार फैक्ट्री के मालिक प्रवीण अपने पिता लवकुश के साथ सीवर टैंक में सफाई के लिए उतरे थे. जहरीली गैस अधिक होने के कारण दोनों टैंक में ही बेहोश हो गए. इन दोनों को बचाने के लिए गया पड़ोसी भी बेहोश हो गया.

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इस घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तीनों को बेहोशी की हालत में टैंक से बाहर निकाला. इसके बाद तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने इनको मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि टैंक में जहरीली गैस का दबाव इतना ज्यादा था कि राहत और बचाव कार्य में भी दिक्कत आई.

पुलिस के मुताबिक टैंक की सफाई के लिए फैक्ट्री के मालिक 62 वर्षीय लवकुश, उनके 35 साल के बेटे प्रवीण रविवार की सुबह टैंक के अंदर घुसे थे, लेकिन टैंक के अंदर जहरीली गैस अधिक होने के कारण दोनों बेहोश हो गए और टैंक में फंसे रह गए. वहीं, पड़ोस में रहने वाले हृदय नारायण को पहले से पता था कि लवकुश और उनका बेटा टैंक साफ करने वाले हैं. जब उन्होंने देखा कि कोई बाहर नहीं आया, तो उन्होंने टैंक के बाहर खड़े होकर आवाज लगाई. हालांकि जब अंदर से कोई जवाब नहीं आया तो हृदय नारायण भी टैंक के अंदर चले गए और जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए.

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जब टैंक में तीनों के बेहोश होने की खबर आसपास के लोगों को हुई, तो तुरंत पुलिस और फायर विभाग को फोन किया. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फायर विभाग की टीम ने पास की दीवार तोड़ दी और फिर टैंक में पानी की बौछार कर जहरीली गैस के प्रभाव को खत्म किया.

इसके बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला गया और जिला एमएमजी अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह हादसा किसकी लापरवाही से हुआ. इसके साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि सेफ्टी टैंक में किस तरह की गैस बनी थी, जिसने सामने वाले को जरा सा भी बचने का मौका नहीं दिया.

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