जम्मू-कश्मीर के सुंदरबानी सेक्टर में सीमा पार से की गई फायरिंग में सहारनपुर का लाल निशांत शर्मा शहीद हो गया. 18 जनवरी को पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान हुई गोलाबारी में निशांत शर्मा घायल हो गये थे. उन्हें उपचार के लिए ऊधमपुर स्थित कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रविवार को उपचार के दौरान निशांत शर्मा शहीद हो गये.
निशांत शर्मा के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके परिवार को लगी, तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो. पिता जोगेंद्र शर्मा, मां ममता शर्मा और पत्नी सोनम का रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं जब निशांत शर्मा के शहीद होने की खबर लोगों को लगी, तो बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उनके घर पहुंच गया. जहां निशांत शर्मा की बहादुरी के लिए लोगों का सिर गर्व से ऊंचा था, तो वहीं परिवार के लोगों की हालत देख हर आंख नम भी थी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए शहीद निशांत शर्मा को श्रद्धांजलि दी है. सीएम ने कहा, 'जम्मू में सर्वोच्च बलिदान देकर अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले सहारनपुर निवासी सेना के जवान निशान्त शर्मा के शौर्य और वीरता को नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि. आपकी कर्तव्यनिष्ठा एवं पराक्रम पर पूरे प्रदेश को गर्व है. शोक की इस घड़ी में यूपी सरकार शहीद के परिजनों के साथ है.'
सीएम योगी ने शहीद के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही सीएम योगी ने घोषणा की है कि सहारनपुर की एक सड़क का नामकरण भी शहीद निशांत शर्मा के नाम पर किया जायेगा.
सुनील जी भट्ट