महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों से उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला जारी है. मुंबई से सोमवार को यूपी के सिद्धार्थनगर और आसपास के जिलों में मजदूर लौटे हैं. इन मजदूरों से रेलवे टिकट के बदले 740-740 रुपये भी लिए गए. किसी तरह पैसे का इंतजाम करने के बाद मजदूर घर लौट आए हैं.
सिद्धार्थनगर पहुंचे एक मजदूर का कहना है कि उसके पास लॉकडाउन में सारे रुपए पैसे खत्म हो गए थे, लेकिन जब वह स्टेशन पर पहुंचा तो वहां पर उनसे टिकट खरीदने के नाम पर रुपए लिए गए और टिकट लेकर ही उनको ट्रेन में बैठाया गया. उसने कहा कि मैंने किसी तरह से टिकट खरीदा और अपने गांव वापस आ गया.
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वहीं, एक मजदूर का कहना है कि मैं नालासुपारा से आ रहा हूं. पैसा नहीं था तो कर्ज लेकर आया हूं. सरकार ने टिकट का पैसा भी लिया है. लोग बोल रहे थे कि फ्री में जाएंगे, लेकिन हम लोगों से पैसा लिया गया. जितना पैसा था, सब खर्च हो गया है. आते-आते एक रुपया भी जेब में नही है.
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अपना दुखड़ा रोते हुए एक मजदूर ने कहा कि हमसे 740 रुपया टिकट का पैसा लिया गया है, फिर हम लोगों को ट्रेन में बैठाया गया. खाना-पानी की व्यवस्था फ्री थी. हम लोगों को गोरखपुर उतारा गया, फिर बस में बैठाकर गांव पहुंचा दिया गया है. हम लोगों को अपने गांव वापस आना था, इसलिए हमें पैसा देना पड़ा.
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वहीं, प्रवासी राम खेलवन गुप्ता ने बताया कि मैं मुंबई के नाला सुपारा से आ रहा हूं. केंद्र सरकार ने एक टिकट का हम लोगों से 740-740 रुपया लिया. पैसा था नहीं, किसी तरह व्यवस्था करके वापस लौटे हैं. फिलहाल, मजदूर अपने गांवों के बाहर क्वारनटीन कर दिए गए हैं.
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