अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह पर केस, स्मृति ईरानी पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनके प्रतिनिधि विजय गुप्ता पर घूस मांगने का आरोप लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह पर केस दर्ज किया गया है.

Advertisement
अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह

आलोक श्रीवास्तव

  • अमेठी,
  • 29 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:13 AM IST
  • हाईकोर्ट के वकील ने दर्ज कराया केस
  • सांसद की छवि धूमिल करने का आरोप

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनके प्रतिनिधि विजय गुप्ता पर घूस मांगने का आरोप लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह पर केस दर्ज किया गया है. हाई कोर्ट के वकील कालिका प्रसाद मिश्रा ने सूचना प्रौद्योगिकी (अधिनियम) 67 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है. उनका कहना है कि वर्तिका सिंह, सांसद और और उनके प्रतिनिधि की छवि को खराब कर रही हैं.

Advertisement

आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह ने केंद्रीय महिला आयोग का सदस्य बनाने के नाम पर 25 लाख रुपए की डिमांड का आरोप लगाते हुए स्मृति ईरानी, उनके निजी सचिव विजय गुप्ता व सह आरोपी डॉ रजनीश सिंह के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया है. कोर्ट ने दो जनवरी 2021 को मामले में सुनवाई की तिथि तय की है.

प्रतापगढ़ जिले की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका का आरोप है कि स्मृति ईरानी की शह पर उनके करीबियों ने केंद्रीय महिला आयोग के सदस्य पद का फर्जी लेटर जारी कर किया. पहले बड़ी-बड़ी बातें करके गुमराह किया गया, फिर पद पर बिठाने का एक करोड़ रेट बताकर वर्तिका की अच्छी प्रोफाइल होने की बात कहकर 25 लाख रुपये की डिमांड हुई.

देखें: आजतक LIVE TV

वर्तिका सिंह का आरोप है कि स्मृति ईरानी के करीबी ने उनसे सोशल साइट पर लूज-टाक की. लूज-टाक व रुपयों की डिमांड की बात का विरोध कर वर्तिका ने भ्रष्टाचार का खेल उजागर कर देने की चेतावनी भी दी थी. इससे बौखला कर स्मृति ईरानी के करीबी व सह आरोपी विजय गुप्ता ने मुसाफिरखाना थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था.

Advertisement

वर्तिका सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा की छवि को बदनाम करने वाले आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मंशा को लेकर एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दायर किया है. वर्तिका का कहना है कि अधिकारियों ने कार्यवाही नहीं की, इसलिए कोर्ट की शरण लेनी पड़ी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement