अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. फैजुल हसन के विवादित बयानों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसपर अलीगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की. उन पर सेक्शन 153(ए) के तहत FIR दर्ज की गई है.
अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि फैजुल हसन द्वारा दिए गए विवादित बयानों का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसे संज्ञान में लेते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
'अगर हम बर्बाद करने पर आएंगे तो छोड़ेंगे नहीं किसी भी देश को'. इस विवादित बयान को लेकर घिरे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है. फैजुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने 2014 में 'सबका साथ सबका विकास' की बात कही थी. वहीं, 2019 में उन्होंने सबका विश्वास भी जोड़ा, लेकिन वह विश्वास तोड़ रहे हैं.
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'किसी को भी भड़काने की कोशिश नहीं की'
फैजुल ने कहा, 'वह बयान था ही नहीं, उसको प्रोग्रेसिव अंदाज में लिया गया है. हमने इस देश के लिए पहले भी गला कटाया था और आगे भी कटाएंगे. इसी देश में रहेंगे. यही अपनी जद्दोजहद करते रहेंगे. लोकतांत्रिक तरीके से लड़ते रहेंगे. कहीं नहीं जाने वाले हम इसी देश में रहेंगे. हमने किसी को भी भड़काने की कोशिश नहीं की. कभी भी कोई ऐसा बयान नहीं दिया, जिससे किसी को भड़काने की कोशिश की गई हो, बल्कि हमने कोशिश की कि कभी ऐसी कोई बात नहीं हो.'
'दूसरे देशों को बर्बाद करने की बात कही'
फैजुल ने कहा, 'एएमयू का इतिहास है कि हमने डेढ़ लाख की भीड़ को जाकर अकेले रोका था, हमें कहीं दंगा, लड़ाई नहीं करनी है. मैं प्राउड फील करता हूं कि मैं अलीग हूं. प्राउड फील करता हूं कि मैं इंडियन हूं. मैंने दूसरे देशों को बर्बाद करने की बात कही थी. आप कुछ भी लेना चाहे वह जवाब नहीं हो सकता है. मैंने अपने देश की बात नहीं कही है. मैंने उन देशों की बात की है जो हमारे देश की तरफ निगाह उठाकर देख रहे हैं, चाहे चीन हो चाहे पाकिस्तान या कोई भी देश हो.'
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AMU के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 'बयान कौन चला रहा है, वह सबको पता है. एएमयू को बार-बार आतंकवाद का अड्डा बताया जा रहा है. उन लोगों ने मेरे बयान को चलाया. हम कभी इस देश को टूटने नहीं देंगे, चाहे इसके लिए मुझे 10 साल तक सहना पड़े. मैंने गलती की होती, तो मैं माफी मांगता, लेकिन मैं अपने देश के साथ खड़ा हूं और जिंदगी भर खड़ा रहूंगा. मैं अपने बयान के लिए कभी माफी नहीं मागूंगा, मैं सावरकर नहीं हूं जो माफी मांगे.'
- शिवम के इनपुट के साथ
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