उत्तर प्रदेश में कानपुर के जाजमऊ में इमारत ढहने के बाद पसरे मौत के मातम के बीच आज जिंदगी की खुशियां भी खिलखिलाती दिखीं. मलबे में जिंदा दबे लोगों को निकालने की कोशिश में जुटी एनडीआरएफ की टीम ने यहां तीन साल की एक बच्ची को मलबे से निकाला है.
बुधवार को हुए इस हादसे में अब तक 9 मजदूरों की मौत हो चुकी है. वहीं मलबे से 17 घायलों का निकाला गया है, जिनमें से करीब आधा दर्जन मजदूरों की हालत चिंताजनक है. घटनास्थल पर एनडीआरएफ की 5 टीमें राहत और बचाव के काम में जुटी हैं. मलबे में जिंदगी की तलाश के इस काम में खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है.
एनडीआरएफ की टीम ने हादसे के करीब 14 घंटों बाद गुरुवार शाम 3 साल की बच्ची को जीवित बाहर निकाला. सुशीला नाम की यह बच्ची घटना के वक्त इस छह मंजिला इमारत के पास ही खेल रही थी और इमारत ढह से वह मलबे में दब गई थी.
पुलिस ने इस मामले में इमारत के मालिक समाजवादी पार्टी के नेता महताब आलम के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है. हालांकि वह फरार बताए जा रहे हैं. वहीं कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने इस मामले में लापरवाही के चलते अपने पांच कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.
आशीष पांडेय