उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अघईया गांव में दो नर बारहसिंघा आपस में भिड़ गए. लड़ाई के दौरान दोनों बारहसिंघों की मौत हो गई. बता दें कि दोनों बारहसिंघों को लड़ते हुए देख गांव के किसानों ने जब इन्हें एकदूसरे से छुड़ाने का प्रयास किया उसके बाद भी दोनों नहीं माने और लगातार आपस में लड़ते रहे.
जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि इस खूनी संघर्ष में लड़ते-लड़ते दोनों की मौत हो गई. जिसके चलते घटना की जानकारी ग्रामीणों ने वनकर्मियों को दी. जिसके उपरांत सूचना पाकर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने दोनों बारहसिंघों के शव को ले जाकर नजदीक के पशु चिकित्सालय में उनका पोस्टमार्टम कराया.
गांव के किसानों की मानें तो शनिवार की सुबह गांव के बाहर जहां ज्यादा पेड़-पौधे हैं, जो वन का क्षेत्र है, वहां पर दोनों बारहसिंघा आपस में लड़ते हुए दिखाई दिए. यह देखकर लोग दोनों लड़ते हुए बारहसिंघों को छुड़ाने का प्रयास करने लगे. लेकिन फिर भी दोनों बारहसिंघों ने लड़ाई जारी रखी. जिसके बाद दोनों लड़ते-लड़ते धान के खेत में जा घुसे और वहां भी दोनों के बीच संघर्ष जारी रहा.
देखते ही देखते दोनों बारहसिंघों के बीच चल रही लड़ाई खूनी संघर्ष में बदल गई. जिसके चलते दोनों बारहसिंघों की मौत हो गई. ग्रामीणों द्वारा सूचना देने के उपरांत वनरक्षक राकेश सिंह अपनी टीम के साथ गाड़ी लेकर दोनों मृतक जानवरों के शव को लेने पहुंचे. वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर निगोहां स्थित पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया.
वहीं इस मामले में पशु चिकित्सालय के डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सिर में चोट लगने की वजह से दोनों बारहसिंघों के सिरों में इंटरनल बिल्डिंग हुई, जिसके कारण दोनों की मौत हो गई. क्योंकि दोनों के सिर आपस में लड़ाई के दौरान लगातार टकरा रहे थे. जोरदार टक्कर की वजह से ऐसा हुआ और सिर में इंटरनल ब्लीडिंग शुरी हो गई और दोनों जानवरों की मौत हो गई.
सत्यम मिश्रा