जोमैटो की सफाई- खाने की डिलिवरी को शाकाहारी-मांसाहारी में बांटना नामुमकिन

जोमैटो के प्रवक्ता ने कहा कि भारत जैसे विविधता भरे देश में यह सुनिश्चित करना नामुमकिन है कि शाकाहारी और मांसाहारी वरीयताओं को डिलिवरी लॉजिस्टिक्स में बांटा जाए.

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जोमैटो कंपनी के कर्मचारी (IANS) जोमैटो कंपनी के कर्मचारी (IANS)

मनोज्ञा लोइवाल

  • कोलकाता,
  • 11 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 10:48 PM IST

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में डिलिवरी बॉयज की ओर से बीफ और पोर्क पहुंचाने से मना करने के बाद जोमैटो ने इस मामले पर बयान जारी किया है. जोमैटो के प्रवक्ता ने कहा कि भारत जैसे विविधता भरे देश में यह सुनिश्चित करना नामुमकिन है कि शाकाहारी और मांसाहारी वरीयताओं को डिलिवरी लॉजिस्टिक्स में बांटा जाए.

जोमैटो की ओर से कहा गया है कि खाना पहुंचाने वाले डिलिवरी पार्टनर्स को इस काम की व्यावहारिक प्रकृति समझनी होगी क्योंकि वे अपनी मर्जी से इस फील्ड में आए हैं. हमारे सभी पार्टनर्स यह बात समझते हैं. पश्चिम बंगाल के हावड़ा में कुछ पार्टनर्स ने इस मामले पर चिंता जताई है और हम उनकी परेशानी को जल्द से जल्द सुलझा लेंगे.

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दरअसल पश्चिम बंगाल में जोमैटो के डिलिवरी बॉयज ही कंपनी के खिलाफ हो गए हैं. कोलकाता में जोमैटो के डिलिवरी एक्जक्यूटिव एक हफ्ते से हड़ताल पर हैं. इनकी हड़ताल बीफ और पोर्क खाने की डिलिवरी को लेकर है. इनका कहना है कि कंपनी इनकी मांग नहीं मान रही और बीफ और पोर्क की डिलिवरी करा रही है. इसी विरोध के बाद जोमैटो की ओर से सफाई पेश की गई है.

पिछले महीने जबलपुर के एक युवक ने जोमैटो का खाना गैर हिंदू के हाथों भेजे जाने पर लेने से इनकार कर दिया था. अमित शुक्ला ने जबलपुर में जोमैटो को खाने का ऑर्डर किया था. जब शुक्ला ने देखा कि खाना पहुंचाने आया व्यक्ति गैर हिंदू है, तो उसने जोमैटो से दूसरा डिलिवरी बॉय भेजने को कहा. उसने सावन महीने के कारण गैर हिंदू से खाना न लेने की बात कही. अमित का चैट सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर खूब वायरल हुआ. बाद में इस पर विवाद भी काफी हुआ.

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