75वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार भारतीय सेना में नर्सिंग अधिकारी के पद पर तैनात महिलाएं कर्तव्य पथ पर परेड करती नजर आएंगी. परेड में तीनों सेनाओं में से कुल 144 महिला अधिकारी, सैनिक और अग्निवीर सैनिक भी हिस्सा लेंगी. जो भारतीय सेनाओं में नारी शक्ति के बढ़ते वर्चस्व का प्रदर्शन करेंगी.
देश के इतिहास में पहली बार आर्म्ड फोर्सज मेडिकल सर्विसेज (AFMS) की महिला टुकड़ी गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड करेंगी. जिसकी कई दिनों से रिहर्सल चल रही है. इसके अलावा भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेवा से भी एक-एक टुकड़ी इस परेड का हिस्सा होंगी.
भारतीय सेना में नर्सिंग अधिकारी लेंगी परेड में हिस्सा
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस वक्तव्य के मुताबिक एक टुकड़ी में कुल 144 महिला अधिकारी और सैनिक शामिल होंगी. जिनमें से 60 भारतीय सेना से और अन्य वायु सेना और नौसेना से शामिल की गई हैं. परेड में भाग लेने वाली महिला टुकड़ी में तीनों सेनाओं में कार्यरत अग्निवीर सैनिक भी शामिल होंगी.
भारतीय सेना की मिलिट्री नर्सिंग सर्विसेज में कार्यरत महिला अधिकारी देश की सेना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आई है. अपनी सेवा के 100 सालों के दौरान एमएनएस अधिकारियों द्वारा युद्ध के समय दिया गया योगदान अद्वितीय है.
नर्सिंग सर्विसेज की स्थापना 1888 में हुई
मिलिट्री नर्सिंग सर्विसेज की स्थापना ब्रिटिश शासन काल के दौरान 19वीं शताब्दी के दौरान हुई. नर्सिंग कौशल की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय सेना में आर्मी नर्सिंग सर्विसेज की स्थापना 1888 में हुई. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एमएनएस अधिकारियों ने घायल सैनिकों की देखभाल करके खूब नाम कमाया.
मनजीत सहगल