राज्यसभा सदस्य एम.पी. वीरेंद्र कुमार का निधन हो गया. वे राज्यसभा सांसद के साथ मलयालम अखबार मातृभूमि के मैनेजिंग डायरेक्टर भी थे. उनके निधन पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा, राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.पी. वीरेंद्र कुमार का निधन दुखद है. वे एक बहुआयामी व्यक्ति थे. वे एक अनुभवी पत्रकार और एक अच्छे लेखक थे. उन्होंने पत्रकारिता में अमूल्य योगदान दिया है.
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया. उन्होंने ट्वीट किया, राज्यसभा सांसद एम.पी. वीरेंद्र कुमार जी का निधन दुखद है. उन्होंने अपनी पहचान एक प्रभावी विधायक और सांसद के रूप में बनाई. वे गरीबों और वंचितों के लिए आवाज उठाने में विश्वास करते थे.
दिल का दौरा पड़ने से निधन
एम.पी. वीरेंद्र कुमार समाचार एजेंसी पीटीआई के निदेशक मंडल में भी थे. गुरुवार की रात दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. वे 84 साल के थे. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि वीरेंद्र कुमार एक बहुआयामी व्यक्ति थे. वे एक अनुभवी नेता, कुशल पत्रकार और सफल लेखक भी थे. साथ ही उपराष्ट्रपति ने कहा कि वीरेंद्र कुमार ने कई किताबें लिखी हैं. उन्हें कई सम्मान से नवाजा गया है, जिसमें प्रतिष्ठित केंद्र साहित्य अकादमी पुरस्कार शामिल है.
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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लिखा, उनकी मृत्यु से देश ने एक महान नेता और सच्चा देशभक्त खो दिया है. उनके परिवार के सदस्यों के लिए मेरी हार्दिक संवेदना है. उनकी आत्मा को शांति मिले. बता दें कि वीरेंद्र कुमार 1987 में केरल विधानसभा के लिए और दो बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुके थे.
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जानकारी के मुताबिक, एम.पी. वीरेंद्र कुमार को स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां गुरुवात देर रात 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटी और एक बेटा है. बेटे का नाम एमवी श्रेयम कुमार है जो मातृभूमि में ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हैं.
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