देश में यातायात नियमों की पालना के लिए संसद में नया कानून बना है. जिसमें ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों पर कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई है. कानून बनाने वाली समीति के मुखिया राजस्थान के परिवहन मंत्री ही थे. जब ये कानून संसद में पेश हो रहा था, ठीक उसी वक्त देश के हाईवे पर खतरनाक तरीके से ओवरलोड गाड़ियां मौत का यमदूत बनकर दौड़ रही थीं. पूछे जाने पर कहा कि पता है कि कड़ा कानून बना है मगर पुलिसवालों को 100-200 देकर हाईवे पर चल रहे हैं.
पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले जयपुर-बीकानेर हाईवे पर दौड़ रहे ट्रैक्टर अपनी क्षमता से 100 गुना ज्यादा जगह घेर कर चलते हैं. वो पंजाब और राजस्थान के सभी पुलिस बैरियर को तोड़ते हुए जयपुर पहुंच जाते हैं. लेकिन इन्हें कोई नहीं रोकता. ड्राइवर से जान जोखिम में डालकर ट्रक चलाने की बात पूछे जाने पर कहा कि वो तो है लेकिन क्या करें, मजबूरी है.
दरअसल, ये हाईवे पर एक बड़ा रैकेट है. रात को अगर आप किसी भी हाईवे पर निकल जाएं तो ओवरलोड वाहन दौड़ते रहते हैं. दिन में ये अपनी गाड़ियां लाईन होटलों पर खड़ी देते हैं. लाईन होटलों पर खतरनाक तरीके से लदी गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी नजर आ जाएंगी. पूछे जाने पर ड्राइवर ने बताया कि 20 हजार में एक गाड़ी बिकती है. अभी 400 रुपए किलो चारा बिकता है. अगर तरीके से लाएं तो चारे की कीमत 1000 रुपए किलो हो जाएगी. इतना मंहगा चारा कौन खरीदेगा. इससे अच्छा पुलिसवालों को 100-200 देकर हरियाणा-पंजाब से चले आते हैं. सबने कहा कि नए कड़े कानून के बारे में पता तो है मगर पेट भी तो भरना है.
परिवहन मंत्री बता रहें हैं कि नया कानून बनने से हादसे में कमी आएगी. राजस्थान के ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करेंगे. सवाल ये है कि पहले भी नियम थे लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी. जब कानून लागू करवाने वाला ही ये ओवरलोड गाड़ियां पास करा रहा हो तो सख्त कानून बनाकर हीं क्या होगा.
शरत कुमार / अजीत तिवारी