तेलंगानाः स्कूल की जानलेना छत से बचाव के लिए शिक्षकों ने पहना हेलमेट

मेडक जिले के चिन्ना शंकरमपेट स्थित यह स्कूल हैदराबाद से 125 किमी दूर है. जिला परिषद का यह हाई स्कूल 60 साल पुरानी बिल्डिंग में चल रहा है. कभी इसके अच्छे दिन थे, लेकिन अब बरसात में यह असुरक्षित जगह बन चुका है. बारिश के समय इसकी छत टूटकर गिरने लगने लगती है.

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हेलमेट पहनकर बच्चों को पढ़ाती टीचर हेलमेट पहनकर बच्चों को पढ़ाती टीचर

नंदलाल शर्मा

  • हैदराबाद ,
  • 23 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 10:05 AM IST

जब भी बारिश होती है... तेलंगाना के स्कूल में बच्चों को अपनी जान बचाने के लिए क्लास से भागकर पेड़ के नीचे छुपना पड़ता है. स्कूल में 219 लड़कियों के साथ 664 छात्र पढ़ते हैं, लेकिन बारिश में छत टूटकर गिरने लगती है. ऐसे में खुद को बचाने के लिए शिक्षकों के साथ बच्चों को बाहर भागना पड़ता है.

मेडक जिले के चिन्ना शंकरमपेट स्थित यह स्कूल हैदराबाद से 125 किमी दूर है. जिला परिषद का यह हाई स्कूल 60 साल पुरानी बिल्डिंग में चल रहा है. कभी इसके अच्छे दिन थे, लेकिन अब बरसात में यह असुरक्षित जगह बन चुका है. बारिश के समय इसकी छत टूटकर गिरने लगने लगती है.

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बुधवार को लगातार बारिश होने का चौथा दिन था और स्कूल के 22 शिक्षकों ने स्कूल की इमारत की खस्ताहालत को देखते हुए अनोखे तरीका अपनाया. सभी शिक्षकों ने हेलमेट पहनकर विरोध जताया.

हेलमेट का प्रयोग टपकती छत से बचाव के लिए भी था, जिसके टुकड़े कभी भी सिर पर गिर सकते थे. कक्षा 6 और सात के बच्चों को इस दिन छुट्टी दे दी गई थी, क्योंकि स्कूल परिसर में उनके बैठने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं था.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक शिक्षक ने कहा कि उच्च कक्षाओं के छात्रों के क्लास लगी, जबकि छोटी कक्षाओं के छात्रों को छुट्टी दे दी गई. पिछले हफ्ते में छत गिरने से दो छात्र चोटिल हो गए हैं.

 

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